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Pahalgam: पाकिस्तान का लश्कर कनेक्शन; आतंकी हमले का मास्टरमांइड है पूर्व पैरा कमांडो मूसा, पढ़ें पूरी कुंडली

Tue, 29 Apr 2025 05:16 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 29 Apr 2025 05:16 PM IST
सार

Pahalgam terror attack: हाशिम मूसा पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम कर रहा है। उसको लश्कर के आकाओं ने गैर कश्मीरी लोगों और सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए एक खास मिशन पर कश्मीर भेजा था।

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Pahalgam attack terrorist Hashim Musa is former para commando of Pakistan Army’s Special Forces
पहलगाम हमले में शामिल आतंकी मूसा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पहलगाम हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकियों को लेकर एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में जिन 3 संदिग्ध आतंकियों के स्कैच जारी हुए थे, उसमें एक की पहचान पाकिस्तानी आतंकी हाशिम मूसा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, निर्दोष लोगों पर गोली बरसाने वाला आतंकी पाकिस्तान सेना के स्पेशल फोर्स का पूर्व पैरा कमांडो है। 

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खास मिशन पर कश्मीर भेजा था आतंकी मूसा
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, हाशिम मूसा पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम कर रहा है। उसको लश्कर के आकाओं ने गैर कश्मीरी लोगों और सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए एक खास मिशन पर कश्मीर भेजा था। सूत्रों ने एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया है कि संभव है कि उसे स्पेशल सर्विस ग्रुप जैसे पाकिस्तान के विशेष बलों ने लश्कर को आतंकी हमले के लिए दिया हो।

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Pahalgam attack terrorist Hashim Musa is former para commando of Pakistan Army’s Special Forces
पहलगाम में आतंकी हमला - फोटो : पीटीआई
खतरनाक मिशन के लिए तैयार किए जाते हैं एसएसजी के पैरा-कमांडो
एसएसजी के पैरा-कमांडो अपरंपरागत युद्ध में उच्च प्रशिक्षित होते हैं और गुप्त अभियानों में विशेषज्ञ होते हैं। ये कमांडोज हर तरह के मौसम में ऑपरेशन करने के साथ ही मानसिक और शारीरिक लेवल पर काफी फिट होते है। एसएसजी कमांडो अत्याधुनिक हथियारों के साथ-साथ हाथ से मुकाबला करने में भी माहिर होते हैं। उनके पास नेविगेशन और विषम परिस्थितियों जीवित रहने के उच्च कौशल क्षमता होती है।


 
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पहलगाम में आतंकी हमला - फोटो : पीटीआई
कश्मीरी ओवरग्राउंड वर्कर्स की पूछताछ में खुले राज
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मूसा के पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि 15 कश्मीरी ओवरग्राउंड वर्कर्स ने पूछताछ के दौरान की। इन्हीं कश्मीरी ओवरग्राउंड वर्कर्स ने उन आतंकियों की रसद की व्यवस्था करके और टोही में मदद की थी। पहलगाम आतंकी हमले में आईएसआई की भूमिका के साथ-साथ कश्मीर में पहले हुए कई हमलों में भी मूसा की भूमिका रही है। कश्मीर में अक्टूबर 2024 में गांदरबल के गागनगीर में हुए हमले में शामिल था। इसमें छह गैर-स्थानीय लोग और एक डॉक्टर मारे गए थे। इसके अलावा, बारामूला के बुटा पथरी में हुए हमले में दो सेना के जवान और दो सेना के पोर्टर मारे गए थे। इस हमले में मूसा की भूमिका रही है। 
 

इन हमलों शामिल रह चुका है मूसा
मूसा तीनों हमलों में एक आम अपराधी के रूप में उभरा है। पाकिस्तान में प्रशिक्षित दो अन्य स्थानीय आतंकवादी जुनैद अहमद भट और अरबाज मीर भी गगनगीर और बूटा पथरी हमलों में शामिल थे, लेकिन नवंबर और दिसंबर 2024 में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में उन्हें मार गिराया गया था। इन दोनों आतंकियों को मारे जाने से बाद से मूसा कश्मीर में बाहरी लोगों को निशाना बनाने के आतंकी मिशन को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

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Pahalgam attack terrorist Hashim Musa is former para commando of Pakistan Army’s Special Forces
पहलगाम अटैक के संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी - फोटो : एजेंसियों ने जारी किया
हमले में इन आतंकियों के नाम आए सामने 
पहलगाम हमले की जांच ने कश्मीरी ओवरग्राउंड वर्कर्स और आतंकी मददगारों के एक स्थानीय नेटवर्क की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। उन्होंने हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों को पहुंचाने में मदद की। पाकिस्तानी आंतकियों ने स्थानीय लोगों की मदद से हमले वाली जगह की रेकी की थी। जिससे हमले से पहले और बाद में आतंकवादियों के छिपने के स्थानों का पता लगाने में मदद मिली।

हालांकि, अब तक मिली जानकारी में दो पाकिस्तानी आतंकवादियों हाशमी मूसा और अली भाई तथा कई स्थानीय लोगों आदिल थोकर और आसिफ शेख की भूमिका की पुष्टि हुई है। लेकिन कश्मीरी ओवरग्राउंड वर्कर्स से पूछताछ में और भी पाकिस्तानी आतंकवादियों के शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है। 

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