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Operation Sindoor: 'मिशन का नाम सिंदूर सुनकर भावुक हो गई थी', पहलगाम हमले के बदले के बाद छलका पीड़ितों का दर्द

Wed, 07 May 2025 09:21 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 07 May 2025 09:21 AM IST
सार

पहलगाम आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर भारतीय सेना पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। निशाना बनाए गए नौ ठिकानों में से चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हैं। पाकिस्तान में स्थित ठिकानों में बहावलपुर, मुरीदके और सियालकोट शामिल भी हैं। आतंकी शिविरों को निशाना बनाने के लिए विशेष सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया।

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Pahalagam terror attack victim's daughter welcomes "Operation Sindoor," salutes PM, Army
आतंकी हमले में मारे गए एन. रामचंद्रन की बेटी आरती - फोटो : PTI

विस्तार

पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों की स्ट्राइक के दौरान धमाकों से आसमान लाल हो गया। इसके बाद फिर आकाश की लाली खत्म हुई तो अंधेरे में टिमटिमाती रोशनी के बीच फिर फाइटर जेट की गूंज सुनाई देने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ-कुछ देर पर एक-एक कर कई धमाके हुए। यह सिलसिला करीब 40 मिनट से अधिक तक चला। कुछ मिनट के लिए आवाज थमी और फिर लगातार लड़ाकू विमान मंडराते रहे। इस बीच पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के बयान भी आने लगे। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और भारतीय सशसत्र बलों को सलाम किया।

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एन. रामचंद्रन की बेटी आरती का छलका दर्द
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों के हमले में मारे गए एन. रामचंद्रन की बेटी आरती का दर्द बुधवार को भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर से कुछ कम हुआ। उनको हुए नुकसान को कोई नहीं पूरी करता, लेकिन अब उन्हें इस बात की तसल्ली है कि गुनहगारों को सख्त सजा मिल गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे उनके सामने मारे गए लोगों के परिवारों को कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी शिविरों पर मिसाइल हमलों के लिए प्रधानमंत्री, भारतीय सेना और सरकार को सलाम किया।
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'हिमांशी नरवाल सहित सभी पीड़ित परिवारों कुछ सुकून मिला होगा'
आरती के पिता को 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में छुट्टियां मनाते समय आतंकवादियों ने उनके सामने ही मार दिया था आरती ने यह भी कहा कि मिशन के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बेहतर कोई नाम नहीं हो सकता था। आतंकवाद का इससे बेहतर कोई जवाब नहीं हो सकता था, जिसने हमारे सामने हमारे पिता, भाई या पतियों को मार डाला। उन्होंने कहा कि सभी भारतीयों को इस ऑपरेशन से राहत मिली होगी। ऑपरेशन सिंदूर से हिमांशी नरवाल सहित सभी पीड़ितों के परिवारों को कुछ राहत और सुकून मिला होगा। हिमांशी के पति भी आतंकी हमले में मारे गए लोगों में से एक थे और उनके पति के शव के पास बैठी उनकी तस्वीर इस घातक घटना की भयावह याद बन गई थी।
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यह भी पढ़ें- Operation Sindoor: मॉक ड्रिल पर थी PAK की नजर, तभी भारत ने कर दिया ऑपरेशन सिंदूर; जानिए इस बारे में सब कुछ

'पति और पिता को खोना व्यर्थ नहीं गया'
मृतक संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने इस भयावह आतंकवादी हमले में निर्दोष लोगों की जान जाने का बदला लेने के लिए सरकार और भारतीय सेना के प्रयासों की सराहना की। असावरी ने कहा कि कई लोगों ने अपने पति और पिता को खो दिया है, लेकिन यह व्यर्थ नहीं गया। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू करके पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है और न्याय दिया है।

...इसलिए रखा गया 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम
जगदाले ने कहा, 'हमारे रिश्तेदारों से (ऑपरेशन सिंदूर के बारे में) फोन आए। भारत ने इन हवाई हमलों के जरिए पहलगाम हमले का बदला लिया है। मिशन का नाम (सिंदूर) सुनकर मैं बेहद भावुक हो गई थी। जब अमित शाह श्रीनगर में मृतकों को श्रद्धांजलि देने आए थे, तो अपने पतियों को खोने वाली बहनें गिड़गिड़ा रही थीं। मुझे लगता है कि इसीलिए ऑपरेशन को ऐसा नाम दिया गया है।' 


पीड़ित की मां ने कहा- पीएम मोदी पर भरोसा है
पीड़ित मंजूनाथ राव की मां सुमति ने सैन्य कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा है। वह नहीं चाहतीं कि उनके बेटे का बलिदान व्यर्थ जाए। यह संतुष्टि की भावना नहीं है, क्योंकि उनका बेटा वापस नहीं आएगा, लेकिन ऐसी चीजें दूसरों के बच्चों के साथ नहीं होनी चाहिए। सुमति ने पीटीआई से कहा, 'हमें विश्वास था कि मोदी सही निर्णय लेंगे और उन्होंने उसी के अनुसार निर्णय लिया। निर्दोषों को कुछ नहीं होना चाहिए, लेकिन जो लोग हमारे खिलाफ अत्याचार की कोशिश करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। मेरे बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। मुझे लगता है कि सही निर्णय लिया गया है।

देर रात भारत ने की स्ट्राइक
इससे पहले पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 नागरिकों की निर्मम हत्या के दो हफ्ते बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सैन्य हमले किए गए।
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