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'पद्मावती' पर भंसाली को गिरिराज का चैलेंज, कहा- किसी और धर्म पर फिल्म बनाकर दिखाओ
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sun, 05 Nov 2017 07:51 PM IST
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निर्माता-निर्देशक संजयलीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के विवाद में अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी कूद पड़े हैं। गिरिराज ने कहा कि 'संजय लीला भंसाली और किसी भी फिल्मकार में हिम्मत नहीं कि वह किसी और धर्म पर अधारित फिल्म बनाए या उनपर टिप्पणी करें।
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उन्होंने आगे कहा 'वे हिंदू गुरुओं, भगवान और योद्धाओं पर आधारित फिल्में ही बनाते हैं हम अब इसे और बर्दाशत नहीं कर सकते।'
Does Sanjay Bhansali or anyone else have guts to make films on other religions or comment upon them?: Union Min Giriraj Singh on #Padmavati pic.twitter.com/fvc3HiLxb8
— ANI (@ANI) November 5, 2017विज्ञापन
वहीं इससे पहले उमा भारती पद्मावती को लेकर खुला खत जारी कर चुकी हैं। उन्होंने खत में फिल्म मेकर की अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन किया था और ये भी कहा था कि इसकी कहीं तो एक सीमा होती है।
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अलाउद्दीन खिलजी एक व्यभिचारी हमलावर था। उसकी बुरी नजर रानी पद्मावती पर थी, जिसके कारण उसने चित्तौड़ नष्ट कर दिया। मर्यादा के उल्लंघन की निंदा स्वाभाविक बताते हुए उन्होंने फिल्म की प्री-स्क्रीनिंग की मांग कर डाली है, जिससे रिलीज से पहले विवाद हल हो सके।
लड़कियों के चेहरों पर तेजाब फेंकने वाले खिलजी के वंशज
उमा भारती
उमा भारती ने खत में कहा कि रानी पद्मावती के विषय पर मैं तटस्थ नहीं रह सकती। मेरा निवेदन है कि पद्मावती को राजपूत समाज से न जोड़कर भारतीय नारी के अस्मिता से जोड़ा जाए।
उमा भारती ने खत में सवाल उठाया है कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन लोगों के मन में आशंकाओं का जन्म क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा है कि इन आशंकाओं का लुत्फ मत उठाइए और वोट बैंक भी मत बनाइए।
कोई रास्ता निकालकर बात समाप्त कर दें। उन्होंने ट्विटर पर सुझाव भी दिया है क्यों न रिलीज से पहले इतिहासकार, फिल्मकार और आपत्ति करने वाला समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमेटी बनाए और वो इस पर रिलीज से पहले फैसला करे।
उन्होंने खत में उल्लेख किया है कि खिलजी के कारण राणा रतन सिंह सहित कई वीर शहीद हुए और रानी ने शहीद पत्नियों के साथ खुद को जीवित आग के हवाले कर जौहर किया।
उमा भारती ने लिखा कि इस दुखद अंत की बहुत वेदना होती है। उन्होंने लिखा है कि आज भी लड़कियों के चेहरों पर तेजाब फेंकने वाले उन्हें खिलजी के वंशज ही लगते हैं। उमा भारती ने कहा कि कुछ चीजें राजनीति से ऊपर होती हैं। उन्होंने कहा कि मैं आज की भारतीय महिला हूं और इस नाते मुझे भूत, वर्तमान और भविष्य की हर भारतीय महिला के सम्मान का ख्याल रखना होगा।
उमा भारती ने खत में सवाल उठाया है कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन लोगों के मन में आशंकाओं का जन्म क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा है कि इन आशंकाओं का लुत्फ मत उठाइए और वोट बैंक भी मत बनाइए।
कोई रास्ता निकालकर बात समाप्त कर दें। उन्होंने ट्विटर पर सुझाव भी दिया है क्यों न रिलीज से पहले इतिहासकार, फिल्मकार और आपत्ति करने वाला समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमेटी बनाए और वो इस पर रिलीज से पहले फैसला करे।
उन्होंने खत में उल्लेख किया है कि खिलजी के कारण राणा रतन सिंह सहित कई वीर शहीद हुए और रानी ने शहीद पत्नियों के साथ खुद को जीवित आग के हवाले कर जौहर किया।
उमा भारती ने लिखा कि इस दुखद अंत की बहुत वेदना होती है। उन्होंने लिखा है कि आज भी लड़कियों के चेहरों पर तेजाब फेंकने वाले उन्हें खिलजी के वंशज ही लगते हैं। उमा भारती ने कहा कि कुछ चीजें राजनीति से ऊपर होती हैं। उन्होंने कहा कि मैं आज की भारतीय महिला हूं और इस नाते मुझे भूत, वर्तमान और भविष्य की हर भारतीय महिला के सम्मान का ख्याल रखना होगा।