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पद्मावती विवाद: संसदीय समिति ने भंसाली और प्रसून जोशी को किया तलब

Tue, 28 Nov 2017 10:00 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Tue, 28 Nov 2017 10:00 PM IST
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Padmavati: Parliamentary committee on controversy called Bhansali and Prasoon Joshi
padmavati

सूचना प्रसारण की संसदीय समिति ने ‘पद्मावती’ के निर्देशक संजय लीला भंसाली और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को को बुलाया है। इतिहास के साथ छेड़छाड़ के विवाद में फंसी फिल्म को लेकर समिति भंसाली और जोशी की प्रतिक्रिया जानना चाहती है।

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समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही 30 सदस्यों के पैनल ने फिल्म के निर्माताओं के साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंसर बोर्ड के अधिकारियों को भी फिल्म के बारे में चर्चा करने के लिए बुलाया है। 
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समिति की अगली बैठक  की तारीख बृहस्पतिवार को तय की गई है। रोचक बात यह है कि अभिनेता परेश रावल और राज बब्बर भी इस पैनल के सदस्य हैं जो कि फिल्म से संबंधित विवाद की जांच करेगी। 

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दोनों ही अभिनेता संसद सदस्य भी हैं। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि भंसाली समिति के सामने पेश होने से बच रहे हैं और यह अभी तय नहीं हो सका है कि वे आएंगे। वहीं फिल्म को अभी भी सेंसर बोर्ड की तरफ से प्रमाणपत्र नहीं मिला है।

पद्मावती के खिलाफ विरोध दुर्भाग्यपूर्ण : कमल स्वरूप

Padmavati: Parliamentary committee on controversy called Bhansali and Prasoon Joshi
kamal swaroop

पद्मावती के खिलाफ चल रहे विरोध को लेकर प्रतिष्ठित निर्देशक कमल स्वरूप ने कहा कि संजय लीला भंसाली की फिल्म के खिलाफ जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके पास इतिहास की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे लोग केवल खबरों में रहने के लिए फिल्म को निशाना बना रहे हैं।

स्वरूप की डॉक्यूमेंट्री ‘पुष्कर पुराण’ से गैर-फीचर श्रेणी में इफ्फी के भारतीय पैनोरमा की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां और कानून कलाकारों की रक्षा करती हैं लेकिन एक प्रकार की सुरक्षा मिलने के कारण कुछ असामाजिक तत्व ऐसा कर रहे हैं।

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