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AK और 'पद्मावती' विवाद पर SC की सलाह, फिल्मों पर नहीं चलना चाहिए अदालती डंडा

Fri, 17 Nov 2017 11:26 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
टीम डिजिटल अमर उजाला Updated Fri, 17 Nov 2017 11:26 AM IST
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padmavati issue Supreme court do hearing on kejriwal movie and says on artistic freedom
- फोटो : Twitter

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'एन इनसिग्निीफिकेंट मैन' पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपना रुख साफ कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि निर्माताओं के सृजनात्मक अभिव्यक्ति पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। कोर्ट ने बाकी अदालतों को सलाह दी वो कलाकारों की आजादी में अत्यधिक निष्क्रियता बरतें। 

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फिल्मों को लेकर कोर्ट का ये रुख विवादों में आई फिल्म 'पद्मावती' के लिए काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, कोर्ट ने केजरीवाल के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘एन इनसिग्निीफिकेंट मैन’ के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘एक कलाकार अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल उस हद तक कर सकता है जहां तक कानून इजाजत देता हो। विचारोत्तेजक फिल्में जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति के नैतिक मापदंडों के अनुरूप हो।’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या फिल्म निर्माताओं को फिल्म बनाने से पहले पात्रों के परिवार के सदस्यों के अनुमति लेनी होगी?
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पढ़ें: ‘पद्मावती’ की रिलीज का विरोध, सारनाथ एक्सप्रेस रोकी

याचिकाकर्ता नचिकेता वाल्हेकर कहना था कि डॉक्यूमेंट्री में उस घटना के मूल वीडियो क्लिप को शामिल किया गया है जिसमें वह खुद शामिल था। नचिकेता पर आरोप है उसने वर्ष 2013 में दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में एक कार्यक्रम में केजरीवाल के ऊपर स्याही फेंका था। उसका कहना है कि यह मामला अभी निचली अदालत में लंबित है लेकिन डॉक्यूमेंट्री में उसे दोषी के तौर पर दिखाया जा रहा है। इससे उसकी छवि खराब हो रही है। 

दिल्ली हाईकोर्ट में पद्मावती के खिलाफ याचिका दायर

padmavati issue Supreme court do hearing on kejriwal movie and says on artistic freedom

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही रानी पद्मावती के जीवन पर बनी फिल्म पर रोक लगाने के मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट में इस पर रोक लगाने के लिए जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में सेंसर बोर्ड को कमेटी बनाकर फिल्म में आपत्तिजनक सीन हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

अखंड राष्ट्रवादी पार्टी की ओर से लालजी सिंह ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि फिल्म में रानी पद्मावती के चरित्र को गलत ढंग से दर्शाया गया है। 

याची ने कहा दिल्ली के राजा अलाउद्दीन खिलजी की बुरी नजर पड़ने पर रानी ने जौहर कर लिया था। उनका उच्च चरित्र था लेकिन उक्त फिल्म में मनगढंत तरीके से इतिहास को बदल कर उनके चरित्र को पेश किया गया है। इससे उनकी प्रतिष्ठा ही खराब नहीं हुई बल्कि हिन्दू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई की संभावना है।

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