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धन्ना सेठों को सौंपी बैंकिंग व्यवस्था तो 50 साल की कवायद होगी बेकार : पी. चिदंबरम
Wed, 25 Nov 2020 04:41 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 25 Nov 2020 04:41 AM IST
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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम
- फोटो : PTI
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कांग्रेस ने देश के कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को बैंक खोलने की अनुमति देने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि जैसा मोदी सरकार चाहती है, अगर बैंकिंग व्यवस्था मुट्ठी भर धन्ना सेठों को सौंप दी गई, तो पिछले 50 साल से बैंकिंग व्यवस्था को साधारण जनमानस, किसान और गरीब तक पहुंचाने के लिए की गई सारी कवायद बेकार हो जाएंगी।
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कांग्रेस ने किया चुनिंदा पूंजीपतियों को बैंक खोलने की अनुमति देने वाले आरबीआई के फैसले का विरोध
चिदंबरम ने कहा, आरबीआई के पूर्व गवर्नर डा. रघुराम राजन और डा. विरल आचार्य ने इस कदम का कड़ा विरोध जताया है और कांग्रेस भी ऐसे किसी कदम को जनहित के लिए घातक मानती है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में बैंकिंग प्रणाली 3 स्तभों पर आधारित है। पहला ज्यादा से ज्यादा लोग बैंक के मालिक हों ताकि एक व्यक्ति का एकाधिकार न हो पाए।
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दूसरा, बैंक का स्वामित्व और संचालन अलग-अलग हाथों में हो यानी शेयरधारक मालिक हों और पेशेवर बैंक का संचालन करें ताकि सही तरीके से बैंकिंग प्रणाली लोगों के लिए फायदेमंद हो पाए। तीसरा कर्ज देने वाले यानी बैंक के मालिक और कर्ज लेने वाले अलग-अलग व्यक्ति हों। इसका मतलब है कि बैंक का मालिक जनता के पैसे से खुद ही अपने व्यवसाय के लिए कर्ज न दे पाए। उन्होंने कहा कि बैंक में जमा आम लोगों की बचत की रकम सुरक्षित रखना ही सबसे बड़ा राष्ट्रहित है।
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चिदंबरम ने कहा, बैंकों में देश के 130 करोड़ लोगों के लगभग 140 लाख करोड़ रुपए जमा हैं। यदि कुछ उद्योगपतियों को बैंक खोलने की इजाजत दे दी, तो वो थोड़ा सा पैसा लगाकर 130 करोड़ भारतीयों के इस पैसे का खुद के फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
कांग्रेस ये कभी नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने एक स्वर से इस प्रस्ताव का विरोध किया है। फिर भी मोदी सरकार ने इसे जबरदस्ती थोपने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, ये पूरा देश जानता है कि यह कदम मुट्ठी भर लोगों के हाथ में देश की पूरी आर्थिक ताकत और फायदा पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा है।