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चेताया : संसदीय समिति ने नवंबर 2020 में ही कहा था, ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाया जाए

Sat, 24 Apr 2021 11:00 PM IST
योगेश साहू पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 24 Apr 2021 11:00 PM IST
सार

संसद की एक स्थायी समिति ने कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर आने से कुछ महीने पहले ही सरकार को सुझाव दिया था कि अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या और ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाया जाए।

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oxygen crisis, Warned: Parliamentary committee had said in November itself, increase the production of oxygen
oxygen in delhi - फोटो : पीटीआई

विस्तार

देश में जिस तरह से ऑक्सीजन की किल्लत के कारण कोरोना की दूसरी लहर का जो संकट गहराया हुआ है, उससे बचा जा सकता था। यदि सरकार ने संसद की एक स्थायी समिति के एक सुझाव को मान लिया होता। दरअसल, समिति ने कुछ महीने पहले ही कहा था कि अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या और ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाया जाना चाहिए।

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जानकारी के अनुसार, संसद की एक स्थायी समिति ने कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर आने से कुछ महीने पहले ही सरकार को सुझाव दिया था कि अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या और ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाया जाए।
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ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजरी रोकने के लिए भी दिया था सुझाव
स्वास्थ्य संबंधी स्थायी समिति ने पिछले साल नवंबर में अपनी रिपोर्ट में यह पैरवी भी की थी कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण को ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत का निर्धारण करना चाहिए, ताकि इसकी किफायती दर पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
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इस समिति के अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव हैं और इसमें भाजपा के 16 सदस्य शामिल हैं। समिति ने कहा था कि समिति सरकार से यह अनुशंसा करती है कि ऑक्सीजन के उचित उत्पादन को प्रोत्साहित करे ताकि अस्पतालों में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

उसने यह भी कहा कि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए देश के सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या अपर्याप्त है। समिति ने इस बात का उल्लेख भी किया था कि अस्पतालों में बिस्तरों और वेंटिलेटर की कमी के कारण इस महामारी पर अंकुश लगाने के प्रयास पर असर पड़ रहा है।


स्वास्थ्य तंत्र की खराब हालत का उल्लेख करते हुए समिति ने यह सुझाव भी दिया था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को बढ़ाया जाए तथा देश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण किया जाए।

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