बीएसएफ में बर्दाश्त नहीं होगी भारी 'तोंद', मुश्किल पोस्टिंग पर जाएंगे 105 किलो से अधिक वजन वाले कर्मी
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बीएसएफ महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे आईटीबीपी के डीजी एसएस देसवाल ने अब भारी तोंद वाले कर्मियों के लिए नया आदेश जारी किया है। ताजा आदेशों में कहा गया है कि जिन कर्मियों का वजन 105 किलोग्राम से ज्यादा है, उन्हें मुश्किल पोस्टिंग पर जाना होगा। खास बात है कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है।
मुश्किल पोस्टिंग वाले इलाकों में फील्ड स्टेशन, जिसमें बॉर्डर आउट पोस्ट या ऐसी चौकी, जहां की जलवायु और रहन सहन बहुत कठोर माना जाता है, शामिल है। नक्सल क्षेत्र, उत्तर पूर्व के उग्रवाद प्रभावित इलाके और कश्मीर की पोस्टिंग को भी कठोर माना जाता है। साथ ही भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ के कंधों पर हैं, वहां भी कई इलाके ऐसे हैं जो बहुत कठोर पोस्टिंग वाले क्षेत्रों में गिने जाते हैं। इन जगहों पर बल कर्मियों को अपने साथ परिवार रखने तक की इजाजत नहीं होती।
105 किलो से अधिक वजन वाले जवानों की सूची मांगी गई
बता दें कि पिछले महीने डीजी एसएस देसवाल ने बीएसएफ के उन अफसरों पर भी गाज गिराई थी, जिनका वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया था। डीआईजी एवं कमांडेंट स्तर के 25 अफसरों को तीन सप्ताह के लिए बीएसएफ की टेकनपुर अकादमी में भेज दिया गया। मकसद, शारीरिक क्रियाओं के द्वारा उन अफसरों का वजन कम कराना था। उससे पहले कुछ अफसरों को आईटीबीपी की मसूरी स्थित अकादमी में भेजा गया था।
अब निचले स्तर के कर्मियों के लिए यह आदेश जारी किया गया है। इसमें साफतौर पर कहा गया है कि 105 किलोग्राम से अधिक वजन वाले कर्मियों को बिना कोई देरी किए रिलीव कर दिया जाए। बीएसएफ मुख्यालय ने अपनी सभी यूनिटों से ऐसे कर्मियों की सूची मांगी थी, जिनका वजन 105 किलो से अधिक है।