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ओआरओपी : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की खिंचाई की, दो लाख का जुर्माना भी लगाया, 14 नवंबर तक दिया आखिरी मौका

Tue, 30 Jul 2024 02:21 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 30 Jul 2024 02:21 PM IST
सार

पीठ ने कहा कि दो लाख रुपये की राशि सेना के कल्याण कोष में जमा की जाएगी और सरकार को चेतावनी दी कि अगर 14 नवंबर तक फैसला नहीं लिया गया तो वह सेवानिवृत्त नियमित कैप्टनों की 10 फीसदी पेंशन बढ़ाने का निर्देश देंगे। 
 

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OROP: Supreme Court pulls up Centre over delay in resolving pension anomalies of regular captains
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना के अनुसार सेना के सेवानिवृत्त नियमित कैप्टनों को देय पेंशन के भुगतान में विफल रहने पर केंद्र की खिंचाई की। शीर्ष अदालत ने केंद्र पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया और उसे सेना के कल्याण कोष में जमा करने का निर्देश दिया। साथ ही इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए 14 नवंबर तक का आखिरी मौका भी दिया।

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जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी से कहा, अगर केंद्र सरकार 14 नवंबर तक कोई निर्णय लेने में विफल रहती है तो हम 10 फीसदी बढ़ी हुई पेंशन का भुगतान करने का निर्देश देंगे। इसके साथ ही मामले को 25 नवंबर को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
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एएसजी भाटी ने अदालत को बताया कि सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) की कोच्चि पीठ ने छह विसंगतियां बताई हैं, जिन्हें सुधारने की जरूरत है, पर सरकार ने मामले में अभी तक कोई रुख नहीं अपनाया है। इस पर पीठ ने कहा, कितने वर्षों तक ऐसा चलता रहेगा? या तो आप 10 फीसदी बढ़ी हुई पेंशन का भुगतान करें या हम आप पर जुर्माना लगा रहे हैं। हम चाहते थे कि फैसला किया जाए, लेकिन आपने नहीं लिया। ये मामला 2021 में सामने आया लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया।
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एएसजी ने तीन महीने का समय मांगा
एएसजी भाटी ने दलील दी कि सरकार को एएफटी, कोच्चि की तरफ से बताई गईं सभी छह विसंगतियों पर विचार करना होगा क्योंकि इस पर निर्णय का असर दूसरों पर भी पड़ सकता है। देरी के लिए अदालत से माफी मांगते हुए एएसजी ने एक और मौका देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तीन महीने का समय दिया जाए, हम निर्णय लेकर अदालत में हलफनामा दायर करेंगे।

अदालत का सख्त रुख
पीठ ने कहा, वह केंद्र को और समय देने की इच्छुक नहीं है। वह सेवानिवृत्त अफसरों को बढ़ी हुई पेंशन देने का निर्देश देगी। सरकार को या तो जुर्माने का भुगतान करना होगा या उसे 10 फीसदी अधिक भुगतान शुरू करना चाहिए। एएसजी ने जुर्माने का भुगतान करने की बात कही। इस पर, पीठ ने दो लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए केंद्र को अंतिम अवसर के तौर पर 14 नवंबर तक का समय दे दिया।


केंद्र ने आदेश को दी थी चुनौती
केंद्र ने एएफटी-कोच्चि केे 7 दिसंबर, 2021 के आदेश को चुनौती दी थी। इसमें एएफटी ने केंद्र से सेवानिवृत्त नियमित कप्तानों की पेंशन पर निर्णय लेने को कहा था, जिसमें विसंगतियां थीं। केंद्र ने अपनी याचिका में 13 सेवानिवृत्त नियमित कैप्टनों को पक्ष बनाया था। 23 जुलाई को शीर्ष कोर्ट ने कहा था, इस पर निर्णय लेने के लिए सुनवाई कई बार स्थगित की गई। कोर्ट ने ओआरओपी योजना लागू होने की तारीख से 20 फीसदी तक बढ़ी हुई पेंशन देने का आदेश देने की चेतावनी भी दी थी।

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