कोरोना संकट के बीच विपक्ष करेगा सरकार की घेराबंदी
- सोनिया ने शुक्रवार को बुलाई 16 दलों की बैठक
- ममता, पवार, उद्धव, हेमंत, स्टालिन जैसे दिग्गज होंगे शामिल
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कोरोना से जारी जंग के बीच विपक्ष ने महामारी पर सियासी जंग की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की घेराबंदी के लिए 22 मई को 16 विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ममता, पवार, हेमंत, उद्धव, डी राजा, स्टालिन और सीताराम येचुरी जैसे दिग्गज सरकार को घेरने की रणनीति बनाएंगे।
टीएमसी सूत्रों के मुताबिक बैठक की पहल सोनिया की ओर से हुई है। बैठक में कोरोना से जंग में केंद्र की ओर से हो रही राज्यों की अनदेखी, राज्यों की पैकेज को लेकर मांग नहीं मानने समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। कोशिश होगी कि बैठक में केंद्र सरकार को घेरने के लिए सामूहिक एजेंडा तय हो और विपक्ष शासित राज्य एक जैसी मांग करें। सपा से अखिलेश यादव भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
कोरोना से जंग के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के सीएम ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे शुरुआत से ही केंद्र के खिलाफ मुखर हैं। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ के सीएम ने भी केंद्र पर लगातार भेदभाव का आरोप लगाया है। पीएम की सीएम के साथ पिछली बैठक में ममता ने केंद्र पर मनमानी करने और राज्यों पर फैसले थोपने का आरोप लगाया था।
- प्रवासी श्रमिकों के पलायन को बनाया जाएगा मुद्दा
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के मामले में कोई पूर्व योजना तैयार नहीं की। हालात बिगड़ने पर राज्यों को बदनाम किया। टीएमसी के एक सांसद ने कहा, सरकार कहती रही कि पश्चिम बंगाल ने विशेष ट्रेन की मांग नहीं की। अब मंगलवार को रेलवे का कहना है कि विशेष ट्रेन चलाने के लिए किसी राज्य की इजाजत की जरूरत ही नहीं है। जाहिर तौर पर प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर बुरी तरह विफल रहने के बाद केंद्र अब इसका ठीकरा राज्यों पर फोड़ना चाहती है।