पेगासस जासूसी मामला: प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी में संसद में चर्चा चाहता है विपक्ष
पेगासस जासूसी विवाद के सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल इसे लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। गुरुवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर चर्चा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी में करने की मांग की।
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष संसद के मानसून सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा करना चाहता है। कांग्रेस संसदीय दलों की संयुक्त बैठक के बाद खड़गे ने कहा, 50 से अधिक देशों में पेगासस पर चर्चा हो रही है। गृह मंत्री को सदन में आना चाहिए, चर्चा करनी चाहिए और सवालों के जवाब देने चाहिए। इसके बाद यह हम पर होगा कि हम क्या कदम उठाते हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'हमने भविष्य की रणनीति के लिए सांसदों के विचार जाने। वे पेगासस पर चर्चा चाहते हैं। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी जरूरी है। यह मामला गृह मंत्रालय के तहत आता है। फ्रांस और जर्मनी समेत अन्य देशों में पेगासस मुद्दे पर जांच की जा रही है, तो भारत में क्यों नहीं की जा रही।' इस बैठक में कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा सांसद शामिल हुए थे।
We've taken MPs views on future strategies. They want discussion on Pegasus. PM & Home Minister's presence is necessary during the discussion. Probe on Pegasus is being done in other countries incl France & Germany, than why not in India?: LoP in Rajya Sabha Mallikarjun Kharge pic.twitter.com/9FmG6sZ5gm
— ANI (@ANI) July 29, 2021
उल्लेखनीय है कि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस्राइली कंपनी एनएसओ ग्रुप के पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर का उपयोग कर अज्ञात एजेंसी द्वारा निगरानी के लिए संभावित लक्ष्य की लीक सूची में कई भारतीय राजनेताओं, पत्रकारों, वकीलों और कार्यकर्ताओं के नाम सामने आए हैं। यह मामला 'द वायर' की ओर से प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट के बाद आया है। विपक्षी दल संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ही इसे लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और कार्यवाही में बाधा पहुंचा रहे हैं।