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मेघालय : कोरोना से मरने वाले डॉक्टर के अंतिम संस्कार का विरोध, उप राष्ट्रपति ने कहा- ऐसी घटनाएं समाज के लिए धब्बा
Fri, 17 Apr 2020 04:42 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 17 Apr 2020 04:42 PM IST
सार
उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि वह इस समाचार से बेहद आहत हैं कि मेघालय में स्थानीय लोगों ने कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से मरने वाले एक डॉक्टर के अंतिम संस्कार का यह कहते हुए विरोध किया कि इससे बीमारी और फैल सकती है। नायडू ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज की अंतरात्मा पर धब्बे की तरह हैं।
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उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)
विस्तार
एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मेघालय के कोरोना संक्रमण की वजह से मरने वाले एक डॉक्टर के अंतिम संस्कार में 36 घंटे की देरी हुई, उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, 'ऐसी घटनाएं समाज की अंतरात्मा के लिए धब्बा हैं और पार्टी, धर्म व क्षेत्र से परे हम सबके लिए यह गंभीर चिंता का विषय हैं।'
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नायडू ने कहा कि स्थानीय लोगों के इस तरह के व्यवहार के बाद मुख्यमंत्री कोनराड संगमा को खुद मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उप राष्ट्रपति ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए लोगों को शिक्षित करना होगा और कोरोना वायरस को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना होगा।
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उपराष्ट्रपति ने यह मामला गृह सचिव और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) के महानिदेशक के साथ भी साझा किया है और कहा है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार को लेकर मार्च में ही एडवाइजरी जारी कर चुकी है।
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उन्होंने कहा, मैं सभी नागरिकों से संवेदनशील होने का अनुरोध करता हूं। लोगों को जिम्मेदारी के मुताबिक कदम उठाने चाहिए और अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। यह समय सामाजिक जागरूकता का संदेश देने का है।