नोटबंदी: संसद में पीएम के बयान पर विपक्ष अड़ा, ममता-माया-राहुल ने लगाए ये आरोप
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सोमवार को शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में विपक्ष ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर जमकर निशाना साधा। टीएमसी ने संसद के गेट पर पीएम के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
वहीं सदन की कार्रवाई शुरू होते ही नोटबंदी पर दोनों सदनों में जमकर हंगामा होने लगा। विपक्ष सदन के अंदर नोटबंदी पर पीएम के बयान पर अड़ा हुआ है। वहीं सरकार नेे संसद में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि विपक्ष ये तय नहीं कर सकता कि नोटबंदी पर हो रही बहस का कौन जवाब देगा।
मायावती ने सदन में कहा कि विपक्ष के सवालों का प्रधानमंत्री जवाब ही नहीं देना चाहते। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम को मनमानी करने वाला बता दिया। सदन के बाहर ट्वीट के जरिए ममता बनर्जी ने भी प्रधानमंत्री मोदी की नोटबंदी के फैसले पर जमकर आलोचना की।
राहुल बोले जो मन में आता है कर देते हैं पीएम
राहुल गांधी सदन के अंदर बड़े आक्रामक मूड में दिखे। सदन में राहुल बोले "लोगों ने कहा वो लाइन में खड़े हैं और बैंक के पीछे से डील हो रही है। चुने हुए लोगों को कैश दिया जा रहा है।
जहां भी मैं गया और लोगों से मिला, लोग कष्ट में थे। प्रधानमंत्री के लिए अब कोई नया नाम सोचना पड़ेगा। वो (पीएम) न अपने मंत्रियों से भी नहीं पूछते, जो मन में आता है कर देते हैं।
प्रधानमंत्री के जो 15-20 लोग हैं उनकी तिजोरी भरेगी, बैंक लोन माफ होंगे, हमारे गरीब लोग जो लाइन में खड़े हैं उनको नुकसान होगा।
सदन के भीतर मायावती का पीएम पर हमला
मायावती ने संसद में कहा कि ‘प्रधानमंत्री जी सदन में क्यों नहीं आ रहे हैं? वो बाहर तो बोल रहे हैं, लेकिन संसद के अदंर क्यों नहीं बोल रहे?
मायावती ने आगे कहा कि लगता है प्रधानमंत्री नोटबंदी पर विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देना चाहते हैं। इसके अलावा मायावती ने इंदौर-पटना हादसे पर भी पीएम की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि इंदौर-पटना रेल हादसे के लिए पीएम की पूंजीवादी नीतियां जिम्मेदार हैं।
ममता ने दिया करारा जवाब
जहां एक ओर टीएमसी ने संसद के गेट पर पीएम के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ सोमवार सुबह विरोध प्रदर्शन किया तो वहीं दूसरी ओर टीएमसी मुखिया ने भी पीएम मोदी को करारा जवाब दिया।
ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 8 नवंबर के बाद से अपने 15 फैसलों में बदलाव किया है। इसका मतलब वो कंफ्यूज हैं। रोजाना नए बदलावों की जगह केंद्र सरकार को चाहिए कि वो नए प्लान ऑफ एक्शन के साथ साने आएं।
ममता ने ये भी कहा कि काला धन और काला हुआ, वही गरीबों से उनका सफेद पैसा छीना गया। निचले मिडिल क्लास के लोग, व्यवसायी, रोजाना के खरीदार, गृहणियां खराब स्थिति में हैं। इससे पहले रविवार को भी ममता बनर्जी ने पीएम के लिए कहा कि ‘प्रधानमंत्री जी, आप भ्रष्टाचार की तुलना जो कोई भी आपकी नीति का विरोध करता है, उससे कर रहे हैं। क्या आप एकमात्र जादूगर हैं।’