कोलकाता से विपक्ष ने फूंका मोदी सरकार के खिलाफ बिगुल, इन मायनों में रही ऐतिहासिक
- सीएम ममता बनर्जी के बुलावे पर पहुंचे 22 दल
- सीएम, पूर्व सीएम व दिग्गज नेता एक साथ जुटे
- पहला बड़ा मौका जब एक मंच पर जुटे 22 दल
- भाजपा सरकार को केंद्र से हटाने का लिया संकल्प
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लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्ष के महागठबंधन ने प. बंगाल के कोलकाता से चुनावी बिगुल फूंक दिया। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आमंत्रण पर देश की 15 राजनीतिक पार्टियां एक मंच पर जुटीं। कुल 25 नेता एक मंच पर नजर आए और मोदी सरकार के खिलाफ बिगुल फूंका। केंद्र की एनडीए सरकार को हटाने और विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन दिखाने के उद्देश्य से आयोजित की गई यह महारैली लोकसभा चुनाव के नजरिए से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब, जबकि लोकसभा चुनाव में महज कुछ महीने बाकी रह गए हैं, तो विपक्ष के 15 दलों मोदी सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक चुके हैं। साल 2019 के इस शुरुआती महीने में ही विपक्षी एकता दिखाने का यह पहला मंच रहा। महारैली बुलाने वाली ममता बनर्जी ने खुद मंच संचालन का जिम्मा संभाला था। एक-एक करके उन्होंने दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया। विपक्ष के सारे बड़े नेताओं के अंग्रेजी, हिंदी में संबोधन के बाद आखिरी में ममता आईं और स्थानीय बांग्ला भाषा में लोगों को जोड़ा।
ममता की महारैली में पहुंचे विपक्ष के दिग्गज नेता, पढ़ें किसने क्या कहा
ये रैली कई मायनों में अलग रही। तीन भाषाओं में यहां संबोधन किया गया। कुछ समय पहले तक एनडीए और भाजपा के सहयोगी रहे नेता तो इसमें शामिल हुए ही, भाजपा के कुछ बागी नेताओं ने भी मंच की शान बढ़ाई। आइए जानते हैं किन मायनों में ये महारैली अलग रही।
इन 15 दलों ने रैली में शिरकत
- तृणमूल कांग्रेस
- कांग्रेस
- राष्ट्रीय जनता दल
- आम आदमी पार्टी
- तेलगु देशम पार्टी
- जनता दल(सेक्यूलर)
- समाजवादी पार्टी
- राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी
- झारखंड मुक्ति मोर्चा
- द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
- नेशनल कांफ्रेंस
- राष्ट्रीय लोक दल
- बहुजन समाज पार्टी
- लोकतांत्रिक जनता दल
- झारखंड विकास मोर्चा
ये मौजूदा मुख्यमंत्री हुए शामिल
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के अलावा दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने रैली में शिरकत की।
इन पूर्व सीएम व पूर्व डिप्टी सीएम ने की शिरकत
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला व उमर अब्दुल्ला (दोनों नेशनल कांफ्रेंस), बाबूलाल मरांडी (झारखंड विकास मोर्चा) व पूर्व सीएम हेमंत सोरेन (दोनों झारखंड) और अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम गेगांग अपांग रैली में शामिल हुए। इसके अलावा बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी रैली में पहुंचे।
ये दिग्गज नेता भी रहे मौजूद
कई मौजूदा और पूर्व सीएम के अलावा इस रैली में पूर्व प्रधानमंत्री व जनता दल सेक्यूलर प्रमुख एच डी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस), शरद यादव (लोकतांत्रिक जनता दल), अजित सिंह (राष्ट्रीय लोक दल), शरद पवार (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी), यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, शत्रुघ्न सिन्हा और राम जेठमलानी ने भी इसमें हिस्सा लिया। इनके अलावा कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रतिनिधि व राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा, पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता व गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी भी मंच पर नजर आए।
इन तीन भाषाओं में हुआ संबोधन
रैली में तीन भाषाओं में संबोधन हुआ। अधिकांश वक्ताओं ने हिंदी ने भाषण दिया। एमके स्टालिन ने अंग्रेजी में संबोधन किया। वहीं ममता बनर्जी ने हिंदी और बांग्ला में भीड़ को संबोधित किया।
कहां हुआ आयोजन
ममता बनर्जी ने ये रैली बुलाई थी और इसका आयोजन ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुआ। रैली में भारी जनसैलाब उमड़ा जिसके चलते जगह-जगह जाम की स्थिति नजर आई।