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INDI Alliance: सीट शेयरिंग पर TMC ने कांग्रेस को बताई अपनी राय; गठबंधन समिति की बैठक में नहीं आने का फैसला

Thu, 11 Jan 2024 05:24 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 11 Jan 2024 05:24 PM IST
सार

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कांग्रेस पार्टी की गठबंधन समिति में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। पार्टी ने 28 विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA में सीट शेयरिंग के मुद्दे पर अपनी राय से कांग्रेस को अवगत करा दिया है। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

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Opposition Alliance INDIA Seat Sharing TMC Congess not to Meet position conveyed sources
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (TMC) 28 विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA के सबसे अहम घटकों में एक माना जा रहा है। गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मंथन का दौर भी जारी है। कांग्रेस पार्टी की आंतरिक गठबंधन समिति भी सीटों के बंटवारे पर चर्चा कर रही है। कांग्रेस इंडिया में शामिल सबसे बड़ी पार्टी है। टीएमसी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को पेचीदा माना जा रहा है। इसी बीच सूत्रों ने कहा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तृणमूल कांग्रेस ने बैठक में शामिल न होने का फैसला लिया है।
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सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने सीट शेयरिंग के मामले में अपनी राय कांग्रेस को बता दी है। उन्होंने गुरुवार को बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेताओं ने सीटों के बंटवारे पर कांग्रेस के गठबंधन पैनल के साथ बैठक नहीं करने का फैसला लिया है। टीएमसी सूत्रों के मुताबिक गठबंधन समिति के साथ किसी भी बैठक में तृणमूल अपने प्रतिनिधियों को नहीं भेजेगी। तृणमूल के मुताबिक वह पहले ही कांग्रेस पार्टी को अपना रुख बता चुकी है।
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तृणमूल की दो टूक- INDIA में सीट- बंटवारे पर मंथन जरूरी नहीं
दरअसल, इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस (INDIA) में सीटों के बंटवारे पर आम सहमति बननी बाकी है। कांग्रेस की आंतरिक समिति गठबंधन में शामिल सहयोगियों के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत कर रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, टीएमसी सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस ने ऐसी बैठक के लिए पार्टी नेताओं से संपर्क किया है और उन्हें बताया गया है कि वे बातचीत के लिए किसी प्रतिनिधि को भेजने के इच्छुक नहीं हैं।
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TMC ने दो सीटों का ऑफर दिया, कांग्रेस ने कहा- स्वीकार करना मुश्किल
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस को दो सीटों की पेशकश की है। ये वही दो सीटें हैं, जिसे कांग्रेस 2019 के लोकसभा चुनावों में जीतने में सफल रही थी। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस ने कहा है कि टीएमसी की तरफ से की गई पेशकश बहुत कम है। इसे स्वीकार करना मुश्किल है।

पूर्वोत्तर भारत पर भी ममता बनर्जी की नजरें
तृणमूल सूत्रों के मुताबिक वर्तमान प्रस्ताव में कोई भी बदलाव केवल तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही कर सकती हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि टीएमसी मेघालय में एक जबकि असम में भी कम से कम दो लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है।

TMC गोवा में भी ताल ठोकने को तैयार, कांग्रेस के समर्थन का वादा
खबरों के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2024 में कुल 543 सीटों में कई और सीटों पर भी तृणमूल चुनाव लड़ सकती है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि टीएमसी की स्थानीय इकाई गोवा में भी एक सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल को गोवा में लगभग पांच प्रतिशत वोट मिले थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक टीएमसी गोवा से चुनाव लड़ने पर दबाव नहीं डालेगी। पार्टी ने इस तटीय राज्य में कांग्रेस का समर्थन करने का फैसला लिया है।

पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीटें
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के संदर्भ में एक वरिष्ठ तृणमूल नेता ने कहा, टीएमसी की पेशकश पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के वोट शेयर पर आधारित है। पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से कम से कम 39 सीटों पर कांग्रेस के पास पांच प्रतिशत से भी कम वोट शेयर रहा है।

कांग्रेस का जनाधार पश्चिम बंगाल में बेहद कमजोर
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को 2021 के विधानसभा चुनाव में 2.93 फीसदी वोट मिले थे। इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में 12.25 फीसदी, जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में केवल 5.67 फीसदी वोट मिले थे। तृणमूल नेता ने कहा, कांग्रेस नेतृत्व को बंगाल में जमीनी हकीकत को स्वीकार करना चाहिए। उनका जनाधार कमजोर है।


कांग्रेस को डेटा के साथ बताई जमीनी हकीकत
गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की 22 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलीं, जबकि भाजपा ने 18 सीटें हासिल कीं। टीएमसी नेता ने कहा, हम पश्चिम बंगाल में राजनीतिक लड़ाई का नेतृत्व करने को तैयार हैं। हम INDIA ब्लॉक के साथ-साथ भाजपा को हराने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सीट शेयरिंग पर तृणमूल कांग्रेस ने अपनी स्थिति डेटा के साथ स्पष्ट की है। ऐसे में दिल्ली जाकर दोबारा चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं।
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