Odisha: ओडिशा में ओपीडी सेवाएं प्रभावित, डॉक्टरों ने शुरू किया रोजाना दो घंटे काम का बहिष्कार
ओडिशा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का आंदोलन तेज हो गया है। खाली पदों को भरने और कई मांगो को लेकर ओपीडी में दो घंटे काम का बहिष्कार किया है।
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सुबह से ओडिशा के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित है। डॉक्टरों ने कई मुद्दों को लेकर दो घंटे काम का बहिष्कार किया है। डॉक्टर ने सरकार से 50 प्रतिशत से ज्यादा खाली पदों को भरना की भी मांग कर रहे हैं। ओडिशा मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (OMSA) के सदस्यों ने सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया।
20 नवंबर से शुरू आंदोलन अब तेज
एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर 20 नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं। पहले चरण में, डॉक्टरों ने काले बैज पहनकर काम किया, और 26 दिसंबर से, उन्होंने एक घंटे के लिए OPD सेवा का बहिष्कार किया। आज से OPD बहिष्कार को दो घंटे तक बढ़ा दिया है।
उन्होंने आगे कहा इमरजेंसी सेवाएं, अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखरेख और सर्जरी पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब से, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला मुख्यालय अस्पतालों तक ओपीडी रोजाना सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बंद रहेंगी।
किशोर मिश्रा ने कहा राज्य में 6,000 से कुछ ज़्यादा सरकारी डॉक्टर हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 15,776 है। "इसका मतलब है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली हैं, जिससे डॉक्टरों पर अधिक दबाव पड़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने की आंदोलन खत्म करने की अपील
स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने डॉक्टरों से आंदोलन खत्म करने की अपील की क्योंकि सरकार उनकी मांगों पर विचार कर रही है। राज्य सरकार ने उनकी मांगों की जांच के लिए एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है। लेकिन एसोसिएशन को सरकार की किसी बात पर भरोसा नहीं है।
क्या है डॉक्टरों की मांग
डॉक्टरों ने दावा किया है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली है, जिसे जल्द भरे जाने की मांग है। अन्य मांगों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर वेतन, सभी ग्रेड में कैडर का आनुपातिक पुनर्गठन, सुपर-स्पेशलिस्ट, स्पेशलिस्ट और डिप्लोमा मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन, पोस्टमार्टम भत्ता और समकक्ष प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन शामिल हैं।