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One Nation, One Election: 47 राजनीतिक दलों में से 32 पक्ष में, ईमेल के जरिए 83 प्रतिशत लोगों ने किया समर्थन

Thu, 27 Mar 2025 05:35 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 27 Mar 2025 05:35 PM IST
सार

ONOE: संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि इस मामले पर 47 राजनीतिक दलों ने फीडबैक दिया है। इसमें 32 दलों ने सहमति दी और 15 ने एक साथ निर्वाचन कराने से असहमति जताई। ईमेल से भी लोगों की प्रतिक्रियाएं मांगी गई। इसमें 83 प्रतिशत लोगों ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का समर्थन किया है।  
 

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One Nation One Election: 32 out of 47 political parties in favor, 83 percent people supported through email
अर्जुन राम मेघवाल, कानून मंत्री - फोटो : X / @arjunrammeghwal

विस्तार

देश में 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर क्या कुछ हो रहा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की क्या राय है, आम लोगों ने क्या कहा है, आदि बातों को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में सात सांसदों ने सवाल पूछा। विधि और न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया, हितधारकों के साथ व्यापक विचार विमर्श करने के बाद जो रिपोर्ट मिली है, उसमें 47 राजनीतिक दलों ने फीडबैक दिया है। इसमें 32 दलों ने सहमति दी और 15 ने एक साथ निर्वाचन कराने से असहमति जताई। ईमेल से भी लोगों की प्रतिक्रियाएं मांगी गई। इसमें 83 प्रतिशत लोगों ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का समर्थन किया है।  
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'वन नेशन वन इलेक्शन' पर सवाल पूछने वाले सांसदों में डॉ. भागवत कराड़, किरण चौधरी, बृज लाल, नरहरी अमीन, नारायण कोरागप्पा, लहर सिंह सिरोया और सुभाष बराला शामिल हैं। राज्यसभा सांसदों ने विधि और न्याय मंत्री से पूछा, इस विषय पर देश के राजनीतिक दलों के साथ कितनी गहन चर्चा हुई है। दूसरा, कितने राजनीतिक दल 'एक देश एक चुनाव' के समर्थन में हैं और कितने इसके विरोध में हैं। तीसरा, परामर्श प्रक्रिया के दौरान देश भर से प्राप्त प्रतिक्रियाओं की संख्या कितनी है और चौथा, 'एक देश एक चुनाव' के पक्ष में प्रतिक्रियाओं का अनुपात कितना है। 
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विधि और न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उक्त सवालों के जवाब में बताया, सरकार ने एक साथ निर्वाचन कराने के तौर तरीकों की परीक्षा के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की थी। समिति ने हितधारकों के साथ व्यापक विचार विमर्श करने के बाद ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। 
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रिपोर्ट के अनुसार, 47 राजनीतिक दलों ने फीडबैक दिया है। इसमें 32 दलों ने सहमति दी और 15 ने एक साथ निर्वाचन कराने से असहमति जताई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक साथ निर्वाचनों पर वेबसाइट फीडबैक विश्लेषण में 5232 प्रतिक्रियाएं मिलीं। इनमें से 3837 ने इस विचार का समर्थन किया, जबकि 1395 ने इसका विरोध किया। 


डाक के माध्यम से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के संबंध में, रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 154 डाक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें से 109 ने इस विचार का समर्थन किया और 45 ने इसका विरोध किया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ईमेल के माध्यम से 16172 प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। इनमें से 83 प्रतिशत (13396) प्रतिक्रियाएं एक साथ निर्वाचनों के पक्ष में थीं, जबकि 17 प्रतिशत (2776) एक साथ निर्वाचन के विरोध में थी। समिति द्वारा किए गए परामर्श के ब्यौरे समिति एचएलसी रिपोर्ट के अध्याय 3 में उपलब्ध है, जिन्हें वन नेशन वन इलेक्शन की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
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