पीएम मोदी के आइडिया को मिला देश के राष्ट्रपति का साथ
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भारी भरकम चुनावी खर्चे को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के समक्ष एक आइडिया रखा था। प्रधानमंत्री का कहना है कि लोकसभा व राज्यसभा चुनाव को एक साथ करवाया जाए। ऐसे करने से खर्चे में भारी कमी आएगी।
पीएम मोदी के आइडिया से प्रभावित होकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि राजनीतिक प्रक्रिया से जुड़े सभी अंगों को इस बात का रास्ता निकालना चाहिए कि किस तरह देश में एक के बाद एक होने वाले चुनाव की निरंतरता कम हो जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिरता आ सके।
राष्ट्रपति ने कहा ‘आज हमारे देश में सालों भर किसी न किसी हिस्से में चुनाव होता रहता है, जिससे सरकारों की गतिविधियां रूक जाती हैं। क्योंकि तमाम राजनीतिक दलों के साथ-साथ सरकार में शामिल पार्टी को भी चुनाव आचार संहिता का पालन करना पड़ता है और इसलिए ये एक विचार है कि इस समस्या का निदान कैसे निकाला जाए।’
राष्ट्रपति बने शिक्षक, बच्चों को पढ़ाया राजनीति का पाठ
शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन स्थित राजेंद्र प्रसाद सर्वोदय विद्यालय में छात्रों को पढ़ाने पहुंचे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बच्चों के कई सवालों के जवाब भी दिए। राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों और आयोग को मिलकर सोचना होगा कि आचार संहिता इस तरह की बनाई जाए जिससे कि सामान्य काम काज बाधित न हो और चुनाव भी संपन्न हो जाए।
आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार कहा है कि स्थानीय निकायों के चुनाव भी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ करवाने चाहिए। पिछले दिनों एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू पीएम ने चुनावों को एक साथ कराए जाने की वकालत की थी।
प्रधानमंत्री का कहना है कि सालभर होने वाले चुनावों में बहुत रुपए खर्च होते हैं। लोगों का महत्वपूर्ण समय भी बर्बाद होता है। इन सबसे निजात पाने के लिए क्यों न चुनावों को एक साथ करवाया जाए?
धर्मनिरपेक्षता हमारे जीवन का एक हिस्सा- राष्ट्रपति
प्रधानमंत्री के आइडिया को सहमति देते हुए राष्ट्रपति ने बच्चों से जमकर सवाल-जवाब किए। राष्ट्रपति ने आतंक के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। राष्ट्रपति ने कहा, "हम पर हमले हुए हैं लेकिन, सीमा पार के आतंकियों द्वारा।
हमारे शासन और प्रशासन की सफलता इसी बात में निहित है कि वो देश प्रायोजित आतंक को नहीं पनपने देंगे।" एक घंटे तक चले लेक्चर में राष्ट्रपति ने धर्मनिरपेक्षता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता हमारे जीवन का एक हिस्सा है।
मार्च में बीजेपी की एक मीटिंग में पीएम ने सालभर होने वाले चुनावों को एक साथ कराने का प्रस्ताव रखा था। पीएम का मानना है कि इससे खर्चों में भारी कमी आएगी। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 2014 में लोकसभा और राज्य चुनावों में 4,500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान बताया।