PM के बयान पर मुस्लिम बोर्ड बोला- हज में महिलाओं का अकेला जाना धार्मिक मसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार (31 दिसंबर) को 'मन की बात' प्रोग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुस्लिम महिलाओं के अकेले हज जाने के ऐलान के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना अब्दुल हामिद अजहरी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिला का मेहराम के बिना हज जाना पूरीतरह से धार्मिक मसला है। ये ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे आप संसद में पारित कर सकते हैं।
For a woman to go for Hajj without mehram is a purely religious issue, it is not something you can pass a legislation on in the Parliament: AIMPLB secretary Maulana Abdul Hamid Azhari on PM Modi's statement pic.twitter.com/1g82eX8DNl
— ANI (@ANI) January 1, 2018विज्ञापन
ये भी पढ़ें- केन्द्रीय मंत्री तोमर के 'पूंछ वाले' बयान पर भड़की कांग्रेस, खड़गे बोले- PM मोदी दें सफाई
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने रविवार को मुस्लिम महिलाओं के हज जाने के नियमों में परिवर्तन करते हुए कहा था कि मुस्लिम महिलाएं अब अकेले हज यात्रा पर जा सकेंगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि हमने 70 साल से चली आ रही परंपरा को तोड़ा। हमारी सरकार ने नियमों में बदलाव किया और अब बिना किसी संरक्षक के भी मुस्लिम महिलाएं हज यात्रा के लिए जा सकेंगी।
इस बार हज यात्रा के दौरान महिलाओं को विशेष छूट दी गई जाएगी। अब 45 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाएं जल्द बिना किसी पुरुष साथी के हज पर जा सकेंगी। अल्पसंख्यक मंत्रालय नई हज पॉलिसी ड्राफ्ट कर रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि 45 साल से अधिक उम्र की चार महिलाओं का समूह बिना पुरुष साथी यानी महरम के हज यात्रा पर जा सकेंगी।