फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   On kartarpur border India and pakistan are waiting for each other to make first step towards it

करतारपुर सीमा खोलने के लिए भारत-पाकिस्तान को है एक-दूसरे की पहल का इंतजार

Sat, 15 Sep 2018 08:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 15 Sep 2018 08:17 AM IST
विज्ञापन
On kartarpur border India and pakistan are waiting for each other to make first step towards it
india pakistan love

इमरान खान के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर होने की एक उम्मीद जगी थी। लेकिन एक बार फिर से नई दिल्ली और इस्लामाबाद के लिए वार्ता प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों देशों के बीच आखिरी बार 2015 में बात हुई थी। जहां एक तरफ करतारपुर सीमा के दरवाजे खोलने से दोनों देशों के बीच एक विश्वास पैदा करने का महत्वपूर्ण कदम होगा। वहीं दोनों चाहते हैं कि दूसरा इस ओर पहला आधिकारिक कदम उठाए।

विज्ञापन


करतारपुर कॉरिडोर को खोलना भारत के सिख श्रद्धालुओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वह पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर सकते हैं। इमरान खान ने अपने पहले दिए बयान में कहा था कि वह भारत की तरफ दो कदम आगे बढ़ाएंगे यदि वह एक कदम आगे बढ़ेगा। उन्होंने बेहतर रिश्तों की उम्मीद जताई थी। हालिया इंटरव्यू में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बाद ही द्वीपक्षीय वार्ता हो सकती है। 
विज्ञापन


पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि उनका देश सीमा के दरवाजे खोलने वाला है और भारतीय श्रद्धालुओं को बिना वीजा के प्रवेश देगा। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि वह अब भी पाकिस्तानी सरकार से सुनने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस्लामाबाद का कहना है कि भारत ने उसके ऑफर पर कोई जवाब नहीं दिया है। सूत्रों का कहना है कि भारत पिछले कुछ समय से पाकिस्तान से सीमा खोलने के लिए कह रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि पड़ोसी देश की नई सरकार रिश्तों को बेहतर बनाने की इच्छुक है। इस मामले से संबंध रखने वाले एक सूत्र ने कहा, 'हम उन बयानों और ऑफर पर कोई जवाब नहीं दे सकते जिन्हें मीडिया के सामने कहा गया है और जिसे अबतक हमारे सामने नहीं रखा गया है। पाकिस्तान को लगता है कि भारत को इस मसले पर इस्लामाबाद से बातचीत करनी चाहिए।' 


2015 से ही दोनों देश मिलकर सीमा खोलने की कोशिश कर रहे हैं। उस समय उफा (रूस) में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात पर सहमति बनी थी। इसी बीच पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत को बेहद भावनात्मक मामले पर सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed