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जुलाई 24 को बुलाई शिक्षा क्षेत्र के संगठनों की समन्वय बैठक
एम संजय/ अमर उजाला नई दिल्ली
Updated Fri, 22 Jul 2016 05:54 AM IST
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय से स्मृति ईरानी की छूट्टी के बाद अब संघ अपने शिक्षा क्षेत्र के संगठनों की भी लगाम कसेगा। संघ ने शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर रहे अपने संगठनों की समन्वय बैठक रविवार 24 जुलाई को दिल्ली में बुलाई है।
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बताया जा रहा है कि इस समन्वय बैठक में खुद संघ प्रमुख मोहन राव भागवत उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में अपने संगठनों की लगाम कसने के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर भी मंथन होगा।
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तमाम हो हल्ला मचाने के बावजूद जो सरकार के पास नई शिक्षा नीति का जो ड्राफ्ट आया है। उसमें संघ का एजेंडा पूरी तरह से लागू होता नहीं दिख रहा है।
अब संघ नए सिरे से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए अपने सुझाव देगा। तो अपने शिक्षा के संगठनों पर लगाम कसने की संघ को जरूरत इसलिए पड़ी है कि ईरानी के मंत्री रहते शिक्षा मामलों में हस्तक्षेप को लेकर संघ संगठनों के बीच आपसी होड़ लग गई थी।
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इन संगठनों से जुड़ा हर अधिकारी मंत्रालय में अपनी होड़ चाहता था। लेकिन खुद संघ प्रमुख भागवत शिक्षा संगठनों से जुड़े प्रमुख अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर न सिर्फ उन्हें नसीहत देंगे बल्कि उन्हें उनकी कार्यक्षेत्र की सीमा भी बताएंगे।
शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने के लिए संघ ने संध ने बनाए संगठन
आरएसएस का पथ संचलन
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने के लिए संघ ने शैक्षिक महासंघ, विधार्थी परिषद, भारतीय शिक्षक मंडल, संस्कृत भारती, विद्या भारती और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास सरीखे करीब आधा दर्जन संगठन बनाए हैं। हर संगठन के जिम्मे अपना अलग-अलग क्षेत्र भी है। लेकिन सरकार की चमक में आकर ये संगठन अपनी राह भटकने लगे हैं।
तो शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बहाल करने के लिए संघ अपने स्तर पर भी शिक्षकों में गुणवत्ता के विकास को बढ़ावा देने की पहल शुरू कर रहा है। संघ हर वर्ष देश के तीन शिक्षकों को 1 लाख का पुरस्कार राशि देने के साथ उसका सम्मान करेगा। हालांकि शुरूआती दौर में उसकी यह कवायद विचारधारा से जुड़े शिक्षकों के लिए है। लेकिन आगे आने वाले समय में वह इसे व्यापक बनाएगा।
इस प्रयास की शुरूआत करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से अखिल भारतीय शिक्षा भूषण सम्मान समारोह का आयोजन रखा है। शैक्षिक महासंघ का शिक्षकों को सम्मान का यह कार्यक्रम रविवार शाम को है।
इसमें संघ प्रमुख के साथ गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पंडया भी बतौर प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जबकि संघ के शिक्षा क्षेत्र के संगठनों की समन्वय बैठक इस कार्यक्रम से पहले रविवार को सुबह में रखी गई है।
तो शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बहाल करने के लिए संघ अपने स्तर पर भी शिक्षकों में गुणवत्ता के विकास को बढ़ावा देने की पहल शुरू कर रहा है। संघ हर वर्ष देश के तीन शिक्षकों को 1 लाख का पुरस्कार राशि देने के साथ उसका सम्मान करेगा। हालांकि शुरूआती दौर में उसकी यह कवायद विचारधारा से जुड़े शिक्षकों के लिए है। लेकिन आगे आने वाले समय में वह इसे व्यापक बनाएगा।
इस प्रयास की शुरूआत करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से अखिल भारतीय शिक्षा भूषण सम्मान समारोह का आयोजन रखा है। शैक्षिक महासंघ का शिक्षकों को सम्मान का यह कार्यक्रम रविवार शाम को है।
इसमें संघ प्रमुख के साथ गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पंडया भी बतौर प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जबकि संघ के शिक्षा क्षेत्र के संगठनों की समन्वय बैठक इस कार्यक्रम से पहले रविवार को सुबह में रखी गई है।