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अफसरों को अब मिलेगा सांसदों से अधिक वेतन
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Jun 2016 05:20 AM IST
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद अब अफसरों को सांसदों से अधिक वेतन मिलेगा। सांसदों को प्रतिमाह वेतन के रूप में 50 हजार रुपये मिलते हैं जबकि क्लास वन के अफसरों की भर्ती ही 56100 रुपये प्रतिमाह होगी।
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मानसून सत्र में सांसदों की ओर से यह मुद्दा उठाया जा सकता है. बजट सत्र में भी सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी का मुद्दा सदन में गूंजा था। अब नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो सकता है।
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हांलाकि सांसदों को क्षेत्रीय भत्ता के रूप में 45 हजार, आफिस खर्च के रूप में 15000, सचिवीय सहायता के लिए 30000 अलग से मिलते हैं। इसके अलावा संसद का सत्र चलने पर दो हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलता है। उनके लिए 34 हवाई यात्रा की भी व्यवस्था है।
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ट्रेन और बसों की यात्रा के लिए कोई सीमा तय नहीं है। इस तरह एक सांसद पर करीब 2 लाख 17 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च होते हैं। अफसरों को भी तय वेतन के अलावा भत्ते पूर्ववत मिलते रहेंगे। इसमें बढ़ोतरी बाद में समीक्षा के बाद की जाएगी। सांसदों का तर्क रहा है कि उन्हें अपने क्षेत्र से आने वाले लोगों को किराया तक देना पड़ता है। अब सांसदों की मांग को ज्यादा बल मिल सकेगा।
कमेटी की सिफारिशों में हुई कटौती
पी के सिन्हा के नेतृत्व वाली कमेटी ने 30 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। यह लागू होता तो 18000 रुपये की जगह 27000 और अधिकतम श्रेणी में सवा दो लाख रुपये की जगह सवा तीन लाख रुपये वेतन तय होता। लेकिन इस सिफारिश में कटोती की गई है। अब अधिकतम वेतन सवा दो लाख रुपये तक ही होगा।
भवन निर्माण के लिए अग्रिम राशि बढ़ी
हाउस बिरल्डिंग एडवांस की राशि अब 7.50 लाख रुपये से बढ़कर 25 लाख रुपये हो जाएगी। कर्मचारियों की सुविधाओं के मद्देनजर मेडिकल एडवांस, टूअर और ट्रांसफर पर टीए, मृत्यु की स्थिति में परिवार को सहायता और एलटीसी को बहाल रखा गया है। ये सुविधाएं ब्याज मुक्त होंगी। वैसे इसके अलावा मिलने वाली सभी ब्याज मुक्त सुविधाओं को हटा दिया गया है।