फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Officers ready to come on central deputation are also waiting for appointment

IAS: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने को तैयार अधिकारियों को भी तैनाती का इंतजार, समय से पहले मूल कैडर में वापसी

Tue, 20 Sep 2022 06:03 AM IST
देव कश्यप महेंद्र तिवारी, नई दिल्ली।
महेंद्र तिवारी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 20 Sep 2022 06:03 AM IST
सार

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आईएएस अधिकारियों की तैनाती के लिए प्रत्येक राज्य का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व (सीडीआर) कोटा तय है। यह राज्य में सीनियर ड्यूटी पोस्ट के लिए उपलब्ध पदों का 40 प्रतिशत तक होता है। लेकिन, आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में इस कोटे के एक तिहाई संख्या में भी आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का अवसर नहीं पा रहे हैं।

विज्ञापन
Officers ready to come on central deputation are also waiting for appointment
गृह मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र सरकार में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के उतने अधिकारियों को भी तैनाती नहीं मिल पा रही है, जितने आने के लिए उपलब्ध हैं। यही नहीं, पिछले कई वर्षों से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व कोटे का एक तिहाई भी उपयोग नहीं हो रहा है। इससे आईएएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के अवसर घटते जा रहे हैं।

विज्ञापन


दरअसल, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आईएएस अधिकारियों की तैनाती के लिए प्रत्येक राज्य का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व (सीडीआर) कोटा तय है। यह राज्य में सीनियर ड्यूटी पोस्ट के लिए उपलब्ध पदों का 40 प्रतिशत तक होता है। लेकिन, आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में इस कोटे के एक तिहाई संख्या में भी आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का अवसर नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2017 में सीडीआर के 35 प्रतिशत व 2018 में 36 फीसदी अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आए थे। इसके बाद के वर्षों में यह दायरा 30 फीसदी पर सिमट गया। इसी तरह केंद्र में तैनाती के लिए पैनल में शामिल होने के बाद अधिकारी केंद्र को नियुक्ति के लिए अपनी उपलब्धता की जानकारी देते हैं। इसके बाद केंद्र उन्हें तैनाती देने की कार्यवाही करता है। आंकड़े बताते हैं कि उपलब्धता बताने वाले तमाम अफसर तैनाती का इंतजार ही करते रह जा रहे हैं। आईएएस अफसरों की केंद्र में तैनाती घटने के पीछे कई कारण गिनाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीडीआर उपयोग का प्रतिशत
2017    35%
2018    36%
2019    30%
2020    30%
2021    30%
स्रोत-डीओपीटी

प्रतिनियुक्ति में उपलब्धता व तैनाती की स्थिति
वर्ष  उपलब्धता नियुक्त इंतजार में
2017 99 85 14
2018 101 71 30
2019 127 101 26
2020 112 69 43
2021 124 71 53
कुल 563 397 166

आंकड़े बताते हैं कि केंद्र को नियुक्ति के लिए अपनी उपलब्धता बताने वाले तमाम अफसर तैनाती का इंतजार ही करते रह जा रहे हैं

समय से पहले मूल कैडर में वापसी भी
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने वाले तमाम अधिकारी प्रतिनियुक्ति का अपना समय भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसके पीछे मूल संवर्ग में पदोन्नति का लाभ प्राप्त करने, व्यक्तिगत कारण व प्रशासनिक कारण आदि बताए जाते हैं। केंद्र  से तालमेल न बिठा पाने की वजह से तैनाती अवधि पूरा करने से पहले ही मूल कैडर में वापसी भी एक अहम कारण माना जा रहा है।
  • केंद्र ने यूपी कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रेणुका कुमार व पार्थसारथी सेन शर्मा को हाल में ही समय से पहले राज्य को वापस भेज दिया।

समय से पहले वापस हुए अफसर
वर्ष    संख्या
2017    43
2018    25
2019    37
2020    14
2021    28

तैनाती घटने की मुख्य वजह
केंद्र में संयुक्त सचिव से सचिव तक के पदों पर आईएएस संवर्ग की मोनोपली चला करती थी। केंद्र ने दूसरे संवर्ग के अफसरों की संख्या बढ़ाकर निर्णय प्रक्रिया में विविधता लाने का प्रयास किया है।
  • केंद्र ने क्षेत्र या कार्य विशेष में विशेष ज्ञान व विशेषज्ञता रखने वाले लोगों को लेटरल एंट्री के जरिए निदेशक, उप सचिव व संयुक्त सचिव जैसे पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही शुरू की है। पिछले चार वर्षों में लेटरल एंट्री के जरिए 37 लोगों की नियुक्ति हो चुकी है।
  • केंद्र में प्रतिनियुक्ति के लिए पैनल बनाने की कार्यवाही 360 डिग्री के जरिए हो रही है। इसमें पूर्व तैनाती अवधि में कार्यशैली व छवि का सख्ती से मूल्यांकन होता है।
  • जिनको लगता है कि वे केंद्र में सचिव स्तर तक नहीं पहुंच सकते उनमें कई उप सचिव या संयुक्त सचिव स्तर पर केंद्र में जाने में रुचि नहीं दिखाते।
  • राज्य स्तर पर अफसरों के निर्णय लेने में ज्यादा आजादी और कम नियंत्रण होने से भी कई अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं आना चाहते। केंद्र में तनिक भी मनमानी पर बेझिझक मूल कैडर का रास्ता दिखा दिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed