{"_id":"6a35cc3fe3f9772d950b64f4","slug":"odisha-engineer-vigilance-raid-49-plots-two-farmhouses-940-gram-gold-recovered-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडिशाः इंजीनियर के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, 49 प्लॉट-दो फार्म हाउस का मालिक निकला; सोना भी बरामद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ओडिशाः इंजीनियर के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, 49 प्लॉट-दो फार्म हाउस का मालिक निकला; सोना भी बरामद
Sat, 20 Jun 2026 04:41 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, भुवनेश्वर/हैदराबाद।
एजेंसी, भुवनेश्वर/हैदराबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 20 Jun 2026 04:41 AM IST
सार
ओडिशा में सतर्कता विभाग की टीम ने एक सरकारी इंजीनियर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में वह 49 प्लॉट-दो फार्म हाउस का मालिक निकला। इसके अलावा, भारी मात्रा में सोना भी बरामद किया गया। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ओडिशा सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच के तहत कोरापुट जिले में तैनात एक सरकारी इंजीनियर के ठिकानों पर छापे मारकर करोड़ों रुपये की संपत्ति पकड़ी। जांच के दौरान 49 कीमती प्लॉट, दो फार्महाउस, सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की गई।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, कोटपाड ब्लॉक के सहायक कार्यकारी अभियंता सत्यनारायण सेठी के खिलाफ उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद उनसे जुड़े सात स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें उनके आवास, अन्य संपत्तियां और कार्यालय शामिल थे। छापों के दौरान 49 उच्च मूल्य के प्लॉट, लगभग 950 ग्राम सोने के आभूषण, ढाई किलो चांदी और 5.48 लाख नकद मिले। इसके अलावा बैंक और डाकघर में 60.92 लाख रुपये की जमा राशि का भी पता चला है।
14 एकड़ के फार्म हाउस
कोरापुट जिले के बोरिगुमा ब्लॉक में सेठी के नाम पर 10.03 एकड़ और 4.35 एकड़ के दो फार्महाउस हैं।
7100 रुपये वेतन पर शुरू की थी सेवा
विजिलेंस विभाग के अनुसार, सत्यनारायण सेठी ने वर्ष 1998 में 7,100 रुपये मासिक वेतन पर जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। वर्ष 2015 में उन्हें सहायक अभियंता पद पर पदोन्नत किया गया और कोटपाड ब्लॉक में तैनाती मिली। जून 2020 में उनका तबादला बोरिगुमा ब्लॉक में किया गया था, जबकि वर्ष 2025 में उन्हें सहायक कार्यकारी अभियंता बनाया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: ग्रामीण भारत की गलियों का बनेगा डिजिटल मैप, मिलेगा यूनिक कोड; केंद्र सरकार लाने जा रही क्या सिस्टम?
792 करोड़ के घोटाले में डिजिटल पेमेंट कंपनी का उपाध्यक्ष गिरफ्तार
तेलंगाना सीआईडी ने 792 करोड़ रुपये के घोटाले में डिजिटल पेमेंट प्रोसेसिंग कंपनी फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के कार्यकारी उपाध्यक्ष (एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट) को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर निवेशकों से धन जुटाने में मदद की थी। सीआईडी के अनुसार, फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग नाम के ऐप और वेबसाइट के जरिये नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर फर्जी निवेश योजनाएं चलाई गईं। निवेशकों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसा जमा कराया गया। जांच में पता चला कि इस नेटवर्क ने देशभर के 7,056 निवेशकों से 4,215 करोड़ जुटाए। इनमें से 4,065 निवेशकों के साथ करीब 792 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है।
विज्ञापन
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, कोटपाड ब्लॉक के सहायक कार्यकारी अभियंता सत्यनारायण सेठी के खिलाफ उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद उनसे जुड़े सात स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें उनके आवास, अन्य संपत्तियां और कार्यालय शामिल थे। छापों के दौरान 49 उच्च मूल्य के प्लॉट, लगभग 950 ग्राम सोने के आभूषण, ढाई किलो चांदी और 5.48 लाख नकद मिले। इसके अलावा बैंक और डाकघर में 60.92 लाख रुपये की जमा राशि का भी पता चला है।
विज्ञापन
14 एकड़ के फार्म हाउस
कोरापुट जिले के बोरिगुमा ब्लॉक में सेठी के नाम पर 10.03 एकड़ और 4.35 एकड़ के दो फार्महाउस हैं।
7100 रुपये वेतन पर शुरू की थी सेवा
विजिलेंस विभाग के अनुसार, सत्यनारायण सेठी ने वर्ष 1998 में 7,100 रुपये मासिक वेतन पर जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। वर्ष 2015 में उन्हें सहायक अभियंता पद पर पदोन्नत किया गया और कोटपाड ब्लॉक में तैनाती मिली। जून 2020 में उनका तबादला बोरिगुमा ब्लॉक में किया गया था, जबकि वर्ष 2025 में उन्हें सहायक कार्यकारी अभियंता बनाया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: ग्रामीण भारत की गलियों का बनेगा डिजिटल मैप, मिलेगा यूनिक कोड; केंद्र सरकार लाने जा रही क्या सिस्टम?
792 करोड़ के घोटाले में डिजिटल पेमेंट कंपनी का उपाध्यक्ष गिरफ्तार
तेलंगाना सीआईडी ने 792 करोड़ रुपये के घोटाले में डिजिटल पेमेंट प्रोसेसिंग कंपनी फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के कार्यकारी उपाध्यक्ष (एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट) को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर निवेशकों से धन जुटाने में मदद की थी। सीआईडी के अनुसार, फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग नाम के ऐप और वेबसाइट के जरिये नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर फर्जी निवेश योजनाएं चलाई गईं। निवेशकों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसा जमा कराया गया। जांच में पता चला कि इस नेटवर्क ने देशभर के 7,056 निवेशकों से 4,215 करोड़ जुटाए। इनमें से 4,065 निवेशकों के साथ करीब 792 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है।