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ECI: ओडिशा-मणिपुर में मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी, SIR के बाद लाखों नाम हटे; 4 अगस्त तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति
Sun, 05 Jul 2026 04:31 PM IST
Pavan
पीटीआई, भुवनेश्वर / इंफाल
पीटीआई, भुवनेश्वर / इंफाल
Published by: Pavan
Updated Sun, 05 Jul 2026 04:31 PM IST
सार
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद निर्वाचन आयोग ने ओडिशा और मणिपुर की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। ओडिशा में 20 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि मणिपुर में 19.34 लाख मतदाता सूची में शामिल हैं। जिनका नाम सूची में नहीं है, वे 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को प्रकाशित होगी।
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ओडिशा-मणिपुर में मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत ओडिशा और मणिपुर की मतदाता सूची का ड्राफ्ट रविवार को जारी कर दिया। पुनरीक्षण के दौरान दोनों राज्यों में लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। जिन लोगों का नाम सूची में नहीं है, वे 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
ओडिशा में 20 लाख से ज्यादा नाम हटे
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एस. गोपालन ने बताया कि 20 मई को मतदाता सूची फ्रीज होने के समय राज्य में 3.33 करोड़ मतदाता थे। 30 मई से 28 जून तक चले विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद अब ड्राफ्ट मतदाता सूची में 3.13 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 1.60 करोड़ पुरुष, 1.53 करोड़ महिलाएं और 2,775 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि करीब 20 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें:
सीईओ ने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे बीएलओ, ईसीआईनेट मोबाइल एप या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के माध्यम से दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए निर्धारित फॉर्म, घोषणा पत्र और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद 147 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और 994 सहायक ईआरओ मामलों की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। जांच प्रक्रिया 2 सितंबर तक पूरी होगी और 6 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मणिपुर में ड्राफ्ट सूची में 19.34 लाख मतदाता
मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 19,34,399 मतदाता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 28 जून तक राज्य के 20,93,076 मतदाताओं में से 19,34,399 यानी 92.42 प्रतिशत लोगों ने अपने गणना फॉर्म जमा किए। ड्राफ्ट सूची में 9,40,466 पुरुष, 9,93,660 महिलाएं और 294 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
सत्यापन में सामने आए ये आंकड़े
सीईओ के अनुसार, 7,394 मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मिले। जबकि 43,000 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, 1,08,283 मतदाता दूसरे स्थान पर चले गए, घर पर नहीं मिले या उन्होंने 28 जून तक गणना फॉर्म जमा नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिन वास्तविक मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दावा और आपत्ति दर्ज कराकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
यह भी पढ़ें- '₹1 करोड़ का नुकसान तो ₹3 करोड़ की वसूली': सीएम शुभेंदु की चेतावनी, क्या नए कानून से सुधरेगा निवेश का माहौल?
सीईओ ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान सभी 16 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। राजनीतिक दलों के साथ भी लगातार बैठकें कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई। साथ ही, राहत शिविरों में रह रहे आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के लिए भी विशेष व्यवस्था कर उनके गणना फॉर्म जमा कराए गए। दोनों राज्यों में दावा और आपत्तियों के निपटारे के बाद 6 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
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ओडिशा में 20 लाख से ज्यादा नाम हटे
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एस. गोपालन ने बताया कि 20 मई को मतदाता सूची फ्रीज होने के समय राज्य में 3.33 करोड़ मतदाता थे। 30 मई से 28 जून तक चले विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद अब ड्राफ्ट मतदाता सूची में 3.13 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 1.60 करोड़ पुरुष, 1.53 करोड़ महिलाएं और 2,775 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि करीब 20 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें:
- 8.32 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी।
- 10.07 लाख लोग दूसरे स्थान पर चले गए थे या सत्यापन के दौरान नहीं मिले।
- 1.58 लाख लोगों के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए।
- करीब 14 हजार लोगों ने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को अपना गणना फॉर्म वापस नहीं किया।
सीईओ ने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे बीएलओ, ईसीआईनेट मोबाइल एप या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के माध्यम से दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए निर्धारित फॉर्म, घोषणा पत्र और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद 147 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और 994 सहायक ईआरओ मामलों की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। जांच प्रक्रिया 2 सितंबर तक पूरी होगी और 6 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मणिपुर में ड्राफ्ट सूची में 19.34 लाख मतदाता
मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 19,34,399 मतदाता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 28 जून तक राज्य के 20,93,076 मतदाताओं में से 19,34,399 यानी 92.42 प्रतिशत लोगों ने अपने गणना फॉर्म जमा किए। ड्राफ्ट सूची में 9,40,466 पुरुष, 9,93,660 महिलाएं और 294 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
सत्यापन में सामने आए ये आंकड़े
सीईओ के अनुसार, 7,394 मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मिले। जबकि 43,000 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, 1,08,283 मतदाता दूसरे स्थान पर चले गए, घर पर नहीं मिले या उन्होंने 28 जून तक गणना फॉर्म जमा नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिन वास्तविक मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दावा और आपत्ति दर्ज कराकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
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सीईओ ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान सभी 16 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। राजनीतिक दलों के साथ भी लगातार बैठकें कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई। साथ ही, राहत शिविरों में रह रहे आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के लिए भी विशेष व्यवस्था कर उनके गणना फॉर्म जमा कराए गए। दोनों राज्यों में दावा और आपत्तियों के निपटारे के बाद 6 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।