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Odisha: पिछले पांच वर्षों में बिजली गिरने से हुई 1,625 लोगों की मौत, सुरेश पुजारी ने विधानसभा में पेश किया डाट

Thu, 05 Sep 2024 04:12 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 05 Sep 2024 04:12 PM IST
सार

सुरेश पुजारी ने कहा कि ओडिशा सरकार ने बिजली गिरने की घटना को राज्य विशिष्ठ आपदा घोषित किया था, क्योंकि केंद्र सरकार ने बिजली गिरने की घटना को प्राकृतिक आपदा घोषित नहीं किया था। बिजली गिरने से मरने वालों के परिजनों को राज्य सरकार की तरफ से चार-चार लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिया जा रहा है।

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Odisha Assembly news and updates Lightning strikes claimed several lives in state in hindi
सुरेश पुजारी - फोटो : ANI

विस्तार

ओडिशा में पिछले पांच वर्षों में बिजली गिरने से 1,625 लोगों की मौत हुई है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। भाजपा विधायक टंकाधर त्रिपाठी के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान 372 लोगों की और 2020-21 के दौरान 338 और 2021-22 के दौरान 294 लोगों की मौत हुई थी।
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राज्य में 2022-23 में बिजली गिरने से 334 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2023-24 के दौरान 287 लोगों की मौत हुई। सुरेश पुजारी ने बताया कि इस अवधि के दौरान राज्य में सबसे अधित मौतें हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि अधिक खनिज भंडाल वाले राज्यों में बिजली गिरने की घटनाएं अधिक होती है, क्योंकि खनिज बिजली के सुलाचल होते हैं। 
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बिजली गिरने की घटनाएं मयूरभंज में ज्यादा
मंत्री के बयान के अनुसार, ओडिशा के 30 जिलों में बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। आदिवासी बहुल मयूरभंज में बिजली गिरने से 151 लोगों की मौत हो गई। वहीं गंजम में 114 लोगों ने अपनी जान गंवाईं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के गृहनगर क्योंझर और बालासोर जिले में पिछले पांच वर्षों में 111 लोगों की मौत दर्ज की गई। बौद्ध जिले में सबसे कम 14 लोगों की मौत हुई है। 
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मंत्री ने आगे कहा कि कहा कि ओडिशा सरकार ने बिजली गिरने की घटना को राज्य विशिष्ठ आपदा घोषित किया था, क्योंकि केंद्र सरकार ने बिजली गिरने की घटना को प्राकृतिक आपदा घोषित नहीं किया था। बिजली गिरने से मरने वालों के परिजनों को राज्य सरकार की तरफ से चार-चार लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिया जा रहा है। घायलों को राज्य सरकार की तरफ से 16,000 रुपये दिए जाएंगे। पीड़ित अगर एक हफ्ते से कम समय तक के लिए अस्पताल में रहता है तो उसे 5,400 रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। 


पिछले छह वर्षों का जेटा जारी करते हुए सुरेश पुजारी ने कहा, "हर साल ओडिशा में छह लाख बिजरी गिरले की घटनाएं दर्ज होती है, जिसमें से बिजली गिरने की 4.31 लाख घटनाएं मयूरभंज की है।" उन्होंने कहा कि इसके अलावा, गंजम, अंगुल, संबलपुर, ढेंकनाल, बालासोर, कोरापुट, कंधमाल, बरगढ़, रायगड़ा, बोलांगीर और कटक जैसे जिलों में पिछले छह वर्षों के दौरान एक लाख से अधिक बिजली गिरने की घटनाएं देखी गईं। राज्य मंत्री ने बताया कि बिजली के प्रभाव को कम करने के लिए ताड़ के पेड़ लगाए जा रहे हैं। राजस्व विभाग ने ताड़ के पेड़ लगाने के लिए वन विभाग को सात करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। 


 
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