एनएसजी सदस्यता पर खत्म नहीं हुई भारत की उम्मीद, साल के अंत तक खुल सकते हैं नए रास्ते
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परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने की भारत की कोशिशों पर चीन ने हाल में पानी फेर दिया लेकिन अभी भी एक आशा की किरण बनी हुई है। इस दिशा में कुछ सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं कि एनएसजी समूह के 48 देश के बार फिर से उन देशों को इस समूह में शामिल करने पर विचार करेंगे जिन्होंने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत नहीं किए। भारत भी उनमें से एक है।
इसके लिए एनएसजी ने अर्जेंटीना के राजदूत रॉफेल ग्रोसी की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया है जो इस बात पर चर्चा करेगी कि भारत जैसे देशों को एनएसजी की सदस्य बनाया जाए या नहीं। बताया जाता है कि इस पैनल के गठन और इस मुद्दे पर पुनः विचार करने के लिए मेक्सिको ने सुझाव दिया है और इस साल के अंत तक एक बैठक करने की भी बात कही है जिसमें एनपीटी पर दस्तखत नहीं करने वाले देशों के एनएसजी में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
Special plenary session of NSG can be called by the year end: Sources
— ANI (@ANI_news) June 26, 2016
गौरतलब है कि शुक्रवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित एनएसजी के 48 सदस्य देशों की बैठक में भारत की दावेदारी पर कोई फैसला नहीं हो पाया था जिससे की भारत की उम्मीदों को करारा झटका लगा था। इसमें चीन एनपीटी पर दस्तखत नहीं करने का हवाला देते हुए भारत का विरोध किया था। दरअसल, एनएसजी सर्वसम्मति से किसी देश को अपना सदस्य बनाती है ऐसे में किसी देश की असहमति होने पर नए देश को सदस्य नहीं बनाया जा सकता।
यशवंत सिन्हा ने साधा निशाना
इस बीच जब पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने भारत की एनएसजी सदस्यता की मंशा पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी कीमत पर अभी एनएसजी की सदस्यता स्वीकार नहीं करनी चाहिए और भारत को अभी इसकी जरूरत भी नहीं है।
Indian Govt is being regularly misguided by some people sitting in the Govt (on entry into NSG): Yashwant Sinha,BJP pic.twitter.com/uAz6EuHOi0
— ANI (@ANI_news) June 26, 2016
यशवंत सिन्हा ने कहा, 'मैं यह पूरजोर तरीके से कहना चाहता हूं कि भारत को एनएसजी की सदस्यता स्वीकार नहीं करनी चाहिए। वहां एक आवेदनकर्ता के रूप में जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर आज हमें एनएसजी की सदस्यता मिल जाती है तो यह हमारी हार होगी। यह हमारे लिए नुकसानदेह होगा, कोई फायदा नहीं।'
उन्होंने एनएसजी सदस्यता मामले में शीर्ष नेतृत्व के सलाहकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार में बैठे कुछ लोग भारत सरकार को लगातार गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
Published By: Amit Tiwari