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मनोवैज्ञानिक परीक्षण से गुजर कर ही बन सकेंगे एनएसजी कमांडो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 25 Jun 2018 06:12 AM IST
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राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में ‘ब्लैक कैट’ कमांडो बनने के लिए अब जवानों को मनोवैज्ञानिक परीक्षण से गुजरना होगा। इसके लिए एनएसजी नए एवं व्यापक मनोवैज्ञानिक परीक्षण की शुरुआत कर दी है। यह केंद्रीय आपात दस्ता देश में विशेष आतंक रोधी और अपहरण रोधी अभियानों को अंजान देता है। अभी तक सेना व अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को कमांडो बनने से पहले कमांडो कंवर्जन कोर्स (सीसीसी) से गुजरना पड़ता है। सीसीसी में उन्हें शारीरिक एवं मानसिक श्रम के माध्यम से तैयार किया जाता है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में शामिल होने के इच्छुक सैनिकों को ब्रिटेन और जर्मनी के विशिष्ट आतंकवाद निरोधक बल के आधार पर तैयार किया जाता था। अब जवानों को कमांडो कंवर्जन कोस (सीसीसी) के तहत तीन महीने के लिए विशेष मनोवैज्ञानिक जांच और सवालों से गुजरना होगा।
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अधिकारी ने कहा कि बल में शामिल होने के लिए जवानों को मनोवैज्ञानिक परीक्षा में भी एक निश्चित प्राप्तांक हासिल करना होगा। उन्होंने कहा कि बल के कमांडो चयन समिति में इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को हाल में एनएसजी में शामिल किया गया है।
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