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Nagaland: NSCN IM ने मणिपुर के नगा विधायकों की आलोचना की, पीएम मोदी को पत्र लिखने में मैतेई MLA का दिया था साथ
Thu, 17 Aug 2023 12:46 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, दीमापुर।
पीटीआई, दीमापुर।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 17 Aug 2023 12:46 PM IST
सार
हिंसा प्रभावित मणिपुर के 40 विधायकों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते को वापस लेने और राज्य में एनआरसी लागू करने की मांग की है।
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एनएससीएन-आईएम नेता थुइंगालेंग मुइवा।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नगालैंड राष्ट्रीय समाजवादी परिषद-इसाक-मुइवा (एनएससीएन-आईएम) ने मणिपुर के आठ नगा विधायकों की आलोचना की, जिन्होंने 32 मैतेई विधायकों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि उनके ज्ञापन का नगा लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं से कोई लेना-देना नहीं है।
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हिंसा प्रभावित मणिपुर के 40 विधायकों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते को वापस लेने और राज्य में एनआरसी लागू करने की मांग की है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि कुकी समूहों द्वारा मांगी गई अलग प्रशासन किसी भी परिस्थिति में बिल्कुल अस्वीकार्य है।
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एनएससीएन-आईएम द्वारा बुधवार को यहां जारी एक बयान में कहा गया, इसे 'विश्वासघाती आधार' पर चलना कहा जा सकता है, क्योंकि मणिपुर के आठ नगा विधायकों ने खुद को भ्रमित लोगों के रूप में साबित कर दिया है, जो यह नहीं जानते कि वे कौन हैं और मणिपुर विधानसभा में किसका प्रतिनिधित्व करते हैं।
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बयान में कहा गया है कि मणिपुर के नगा तब हैरान रह गए जब इन "रीढ़विहीन विधायकों" ने 32 मैतेई विधायकों के साथ मिलकर उस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को एक प्रतिनिधित्व सौंपा, जिसका नगा लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं से कोई लेना-देना नहीं है।
बयान में आगे कहा गया है, प्रधानमंत्री के साथ उनका प्रतिनिधित्व पूरी तरह से नगा लोगों की आवाज के खिलाफ है, जो नगा लोगों के राजनीतिक अधिकार और वैध आकांक्षा को पूरा करने के लिए तीन अगस्त, 2015 के फ्रेमवर्क समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं।