फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NRI grooms cannot hide by cheating wife, Now External affairs ministry will deliver summon

पत्नी को धोखा देकर छुप नहीं सकता एनआरआई दुल्हा, अब विदेश मंत्रालय पहुंचाएगा समन

Thu, 26 Jul 2018 09:11 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Updated Thu, 26 Jul 2018 09:11 PM IST
विज्ञापन
NRI grooms cannot hide by cheating wife, Now External affairs ministry will deliver summon
प्रतीकात्मक तस्वीर
वह एनआरआई पति जो अपनी पत्नी को धोखे से उसके मायके या ससुराल में छोड़कर खुद विदेश निकल लेते थे, अब अपनी ऐसी हरकत से बाज आ जायें। महाराष्ट्र महिला आयोग की पहल पर विदेश मंत्रालय ऐसे व्यक्तियों को न केवल ढूंढ निकालने में मदद करेगा, बल्कि महिला आयोग या किसी दूसरे न्यायिक शक्ति प्राप्त संगठन द्वारा भेजे गए समन की भी तामील कराएगा। वह समन विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड होगा। इसके बाद आरोपी एनआरआई पति के पास जवाब न देने का कोई भी बहाना नहीं बचेगा।
विज्ञापन


देशभर में ऐसे मामलों के निपटारे के लिए विदेश मंत्रालय में सिंगल विंडो सिस्टम भी शुरू कराया जा रहा है। इसके साथ देश के सभी राज्य महिला आयोग इस सिस्टम से जुड़ जाएंगे। उनकी जांच रिपोर्ट पर ही यह मंत्रालय केस को दूसरे मुल्क में वहां की न्यायिक व्यवस्था के मुताबिक आगे बढ़ाएगा। पिछले दो-तीन साल में ऐसे तीन-चार हजार मामले पंजीकृत हुए हैं। 
विज्ञापन


एनआरआई विवाह: कब और कैसे शुरू होते हैं झगड़े

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की चेयरमैन एवं भाजपा महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस विषय पर अमर उजाला डॉट काम के साथ विशेष बातचीत की है। उनका कहना है कि हमारे देश में एनआरआई विवाह से संबंधित झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। जब विवाह की बात होती है तो लड़की पक्ष सभी बातों पर ध्यान नहीं देता। उनके लिए बड़ी बात केवल यही होती है कि हमारी लड़की विदेश जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई केसों में देखने को मिला है कि विवाह के बाद लड़का यह कह कर विदेश चला जाता है कि वह दो-तीन माह में लड़की को वहां पर बुला लेगा। कुछ मामलों में यह होता है कि लड़की साथ तो चली जाती है, लेकिन विदेश में उसे प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। यह स्थिति सबसे ज्यादा कष्टदायक होती है, क्योंकि दूसरे मुल्क में उसकी मदद करने वाला कोई नहीं होता। वहां के कानून की जटिलतायें भी पीड़िता को बेबस होने के लिए मजबूर कर देती है। अगर साथ में बच्चा भी है तो महिला के लिए दिक्कतें और अधिक बढ़ जाती हैं। 

सही राह समझ नहीं आती

ऐसे मामलों में लड़की के माता-पिता अपने शहर की पुलिस और कोर्ट कचहरी के चक्कर काटते हैं। जिन्हें थोड़ा बहुत मालूम होता है, वे राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय, मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग के पास फरियाद लगाते हैं। इन सब जगहों पर उन्हें वैसी ही सामान्य दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जो स्थानीय स्तर पर देखने को मिलती हैं। 

गिनती के कुछ परिवार, जिन्हें विदेश मंत्रालय की कुछ जानकारी होती है, वे वहाँ  पहुंच जाते हैं। जो परिवार सीधे यहां पर आ जाते हैं, उन्हें किसी न किसी रूप में नीचे की संस्थाओं के पास ही लौटना पड़ता है। विदेश मंत्रालय केवल पुख्ता आधार पर ही किसी मामले को लेकर दूसरे देश को कुछ लिख सकता है। उसके लिए मंत्रालय पहले पुलिस, अदालत या आयोग की ठोस जांच रिपोर्ट का अध्ययन करता है। 

सिंगल विंडो सिस्टम का यह फायदा होगा 

एनआरआई विवाह के झगड़े से संबंधित कोई भी केस जब किसी राज्य महिला आयोग के पास जाएगा तो उसकी सूचना तुरंत विदेश मंत्रालय के पास भी पहुंचेगी। ऐसे मामलों के निपटारे के लिए पिछले दिनों विदेश मंत्रालय में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें राष्ट्रीय महिला आयोग, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं। विजया रहाटकर ने बताया कि इस प्रक्रिया में सभी राज्य आयोग, केस को आगे बढ़ाने में कमेटी की मदद करेंगे। कमेटी को जरूरी दस्तावेज मुहैया कराए जाएंगे। इससे सभी केसों की प्रगति रिपोर्ट भी मिलती रहेगी। 

एनआरआई दुल्हा कहेगा, जी मैं आ रहा हूं...

अभी तक जो व्यवस्था है, उसके तहत एनआरआई दुल्हा लड़की के परिजन ही नहीं, बल्कि महिला आयोग एवं दूसरी संस्थाओं को भी परेशान करता है। आयोग समन भेजता है तो मालूम पड़ता है कि आरोपी ने अपना पता बदल लिया है। टेलीफोन भी बदल गया और ई-मेल पर कुछ भेजों तो वह भी बैरंग लौट आती है। ऐसी स्थिति में केवल विदेश मंत्रालय के पास ही वे अधिकार होते हैं, जिनकी मदद से दुल्हें तक पहुंचा जा सकता है। वह जहां पर भी होगा, उसकी जानकारी विदेश मंत्रालय के पास होती है।

काम का परमिट, वीजा की अवधि या दूसरी जानकारियां, सब मंत्रालय में मिल जाएंगी। अब नई व्यवस्था के तहत आयोग विदेश मंत्रालय के द्वारा ही आरोपी को समन भिजवाएगा। बाकायदा समन को मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। अगर इसके बाद भी आरोपी सामने नहीं आया तों उसका लाइसेंस या वर्क परमिट सस्पेंड करा दिया जाएगा। इन स्थितियों में एनआरआई दुल्हे को सामने आना ही पड़ेगा। 

शुक्रवार को देशभर के राज्य महिला आयोग इस पर करेंगे मंथन

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की चेयरमैन विजया रहाटकर, जिन्होंने गत वर्ष मुंबई में महिलाओं की समस्याओं को लेकर एक बड़ा सम्मेलन कराया था। इसमें 27 देशों ने भाग लिया था। अब ऐसा ही एक दिवसीय सम्मलेन 27 जुलाई को केजी मार्ग स्थित महाराष्ट्र सदन में आयोजित होगा।

इसमें सभी राज्य के महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधियों के अलवा उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होंगी। सम्मेलन में एनआरआई महिलाओं की समस्याओं और महिला ट्रैफिकिंग जैसे मुद्दों पर मंथन होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed