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पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को नहीं मिली राहत, SC ने खारिज की याचिका

Sat, 04 Mar 2017 04:27 PM IST
amarujala.com- presented by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- presented by: अनंत पालीवाल Updated Sat, 04 Mar 2017 04:27 PM IST
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NRHM SCAM: SC dismissed former minister babu singh kushwaha peetition seeking bail
बाबू सिंह कुशवाहा

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कुशवाहा लंबे समय से जेल में बंद हैं।

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बता दें कि, मायावती सरकार में केंद्र सरकार की ओर से एनआरएचएम के तहत दी गई बड़ी रकम की कुछ लोगों ने आपस में ही बंदरबांट कर ली थी। इस मामले में मायावती सरकार के कई मंत्रियों को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। उसी मामले में कुशवाहा अभी गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। सीबीआई के अनुसार एनआरएचएम के तहत 5 हजार करोड़ का घोटाला किया गया था।
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सीबीआई अभी भी एनआरएचएम घोटाले की जांच कर रही है। सीबीआई ने मामले में कई मुकदमे दर्ज किए थे। इसको लेकर मायावती सरकार में उच्च पदों पर रहे कई अधिकारियों से भी पूछताछ की जा चुकी है। 

सीबीआई ने 48 लोगाें को घोटाले में चिह्नित किया

NRHM SCAM: SC dismissed former minister babu singh kushwaha peetition seeking bail
बाबु सिंह कुशवाहा

गौरतलब हो कि एनआरएचएम घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई को आशा किट में भी घोटाले का हाथ लगा था। स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2009-10 में लाखों रुपये से आशा किट खरीदी गईं थीं। सीबीआई ने स्वास्थ्य विभाग से आशा किट का लेखा-जोखा मांगा तो विभाग के अफसरों के पसीने छूट गए। विभाग लेखा-जोखा नहीं दे पा रहा है।

बनारस मंडल में एनआरएचएम घोटाले की पांच माह तक चली जांच में सीबीआई ने 48 लोगाें को घोटाले में संलिप्तता की आशंका पर चिह्नित किया था। छानबीन के बाद उसमें से 28 को आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, जिसमें बाबू सिंह कुशवाहा का नाम भी शामिल है।

बता दें कि घोटाले में बनारस के तीन, चंदौली के दो तथा जौनपुर के एक पूर्व सीएमओ, एनआरएचएम सेल के एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी हैं। इसके अलावा गाजीपुर के एक ठेकेदार और दवा सप्लायर का नाम भी आरोपियों की सूची में है। सीबीआई सूची में शामिल इन अधिकारियाें, कर्मियाें और ठेकेदाराें के आमदनी के स्त्रोत, पारिवारिक पृष्ठभूमि, अचल और चल संपत्ति, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पिछली सरकार में नेताआें से संबंध की छानबीन कर रही है। 
 

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