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‘हम पलायन नहीं करेंगे, अपराधियों को सजा दिलाएंगे’

Fri, 17 Jun 2016 04:39 AM IST
चंद्रमोहन शर्मा/अमर उजाला, आगरा
चंद्रमोहन शर्मा/अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 17 Jun 2016 04:39 AM IST
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now we will not ran away
मृतक हेमंतदास के बेटे मनोज और महेश जैसवानी। - फोटो : अमर उजाला

जब अपराधियों की दहशत से कांधला-कैराना में हुआ पलायन सुर्खियों में है, तब आगरा के जैसवानी परिवार की हिम्मत एक मिसाल की तरह है। इस व्यापारी परिवार में चौथ वसूली के लिए एक नहीं, दो पीढ़ियों के लोगों की सरेआम हत्या हो चुकी है। फिर भी इन बहादुरों ने हिम्मत नहीं हारी। अपराधियों के डर से शहर नहीं छोड़ा, बल्कि उन्हें सजा दिलाने के कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। कहते हैं, हमने शहर छोड़ा तो बदमाश बाजार पर हावी हो जाएंगे, व्यापारियों को पलायन करना पड़ेगा, इसलिए हम आखिरी सांस तक  लड़ेंगे।

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शहर के प्रमुख बाजार राजामंडी का यह किस्सा दो साल पहले शुरू होता है। प्रांजल और बंटी वर्मा नाम के अपराधियों ने चौथ वसूली के लिए दुकानदारों पर टेलीफोनिक अटैक शुरू किए। बाजार में हथियार लहराकर दहशत फैलाई। व्यापारी नेता हेमनदास जैसवानी ने इसका विरोध किया। नतीजा, 28 नवंबर 2011 को प्रताप नगर स्थित आवास से राजामंडी में दुकान पर जाते समय गोविंद नगर में उनकी हत्या कर दी गई। दिल दहला देने वाली इस वारदात के गवाह उनके बेटे सुशील जैसवानी और मनोज जैसवानी ने केस लड़ा।
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12 अगस्त 2015 को राजामंडी में पुलिस बूथ के सामने उन पर सरेआम गोलियां बरसाई गईं। सुशील की मौत हो गई, मनोज गंभीर रूप से जख्मी हुए। पूरा बाजार दहल गया था। लेकिन इस परिवार ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। प्रांजल और बंटी वर्मा गैंग के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखी। पुलिस उन्हें पकड़ नहीं रही थी तो 19 सितंबर 2015 को सीएम अखिलेश यादव के आगरा आने पर उनके सामने फरियाद लेकर पहुंच गए। इसके बाद अपराधी जेल पहुंचे। इंसाफ की इस लड़ाई में इनका कारोबार चौपट हो गया। राजामंडी स्थित दोनों दुकानों पर सुशील की हत्या के बाद से ताला लटका है।
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लेकिन इन्हें फिक्र है तो सिर्फ इसकी कि केस में फैसला जल्द से जल्द हो। बुलेट प्रुफ जैकेट पहनकर गवाही देने जाते हैं सुशील के भाई महेश और मनोज। सुरक्षा के लिए दो गनर मिले हैं पुलिस से। महेश और मनोज कहते हैं, ‘हम हिम्मत नहीं हार सकते, परवाह सिर्फ अपनी नहीं, पूरे बाजार की है, अगर हम शहर छोड़ गए तो पूरे बाजार को पलायन करना पड़ जाएगा, अपराधी हावी हो जाएंगे, हम ऐसा होने नहीं देंगे।’

‘इंसाफ मिल जाए, दुकान खोल लेंगे’
आगरा। महेश और मनोज जैसवानी का कहना है कि पिता की हत्या के केस में उनकी गवाही हो चुकी है, अब इंसाफ का इंतजार है, तारीख पर तारीख नहीं होनी चाहिए, जल्द से जल्द फैसला हो, ताकि दुकान खोल सकें, फिलहाल तो पूरा ध्यान पैरवी पर लगा रखा है।


मिसाल है जैसवानी परिवार
सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष एवं व्यापारी नेता गागनदास रामानी कहते हैं कि राजामंडी समेत शहर के कई बाजारों में चौथ वसूली की दहशत है, ऐसे में जैसवानी परिवार का संघर्ष काबिल ए तारीफ और सभी के लिए मिसाल भी।

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