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ओडीशा: अब जेल की सुरक्षा किन्नर करेंगे
सुब्रत कुमार पति/ बीबीसी
Updated Wed, 03 Aug 2016 01:01 PM IST
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- फोटो : bbc
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शादी ब्याह में नाचते हुए, रेलगाडियों में पैसा मांगते हुए नजर आने वाले किन्नरों की जिंदगी में बदलाव के लिए ओडीशा सरकार ने एक अनोखा कदम उठाया है। सरकार ने जेल सुरक्षा के लिए ट्रांसजेंडरों को नियुक्त करने की योजना बनाई है।
ओडीशा देश का पहला राज्य है जहां किन्नरों को जेल की सुरक्षा में लगाया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्देश के मुताबिक किन्नरों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ये फैसला किया गया है।
इसके लिए किन्नरों को अन्य वर्गों की तरह कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा भी पास करनी होगी। ओडीशा के जेल आईजी अरुण कुमार राय ने बीबीसी को बताया कि ओडीशा में 90 जेल हैं और यहां 250 वॉर्डन के पद खाली हैं।
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ओडीशा देश का पहला राज्य है जहां किन्नरों को जेल की सुरक्षा में लगाया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्देश के मुताबिक किन्नरों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ये फैसला किया गया है।
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इसके लिए किन्नरों को अन्य वर्गों की तरह कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा भी पास करनी होगी। ओडीशा के जेल आईजी अरुण कुमार राय ने बीबीसी को बताया कि ओडीशा में 90 जेल हैं और यहां 250 वॉर्डन के पद खाली हैं।
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ओडीशा में लगभग 20 हजार किन्नर रहते हैं
इन पर नियुक्ति के लिए ट्रांसजेंडर आवेदन कर सकते हैं। शारीरिक परीक्षा में किन्नरों को महिलाओं में शामिल किया गया है। ओडीशा में लगभग 20 हजार किन्नर रहते हैं, इनमें से दो से ढाई हजार किन्नर शिक्षित हैं।
राज्य में विकलांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सश्कितकरण योजना के सचिव नितिन चंद्रा ने बताया, "अब राज्य में किन्नरों को मुख्य धारा में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।" किन्नरों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
भुवनेश्वर स्थित ट्रांसजेंडर सुरक्षा ट्रस्ट की प्रमुख मेनका ने राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की। मेनका का मानना है कि अगर सरकार शैक्षणिक योग्यता में किन्नरों के लिए थोड़ी छूट दे तो किन्नर इसका ज्यादा लाभ ले सकते हैं।
राज्य में विकलांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सश्कितकरण योजना के सचिव नितिन चंद्रा ने बताया, "अब राज्य में किन्नरों को मुख्य धारा में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।" किन्नरों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
भुवनेश्वर स्थित ट्रांसजेंडर सुरक्षा ट्रस्ट की प्रमुख मेनका ने राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की। मेनका का मानना है कि अगर सरकार शैक्षणिक योग्यता में किन्नरों के लिए थोड़ी छूट दे तो किन्नर इसका ज्यादा लाभ ले सकते हैं।