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अब उत्तर प्रदेश के हर गांव-मुहल्ले में शाखा लगाएगा संघ
अमर उजाला ब्यूरो/ मथुरा
Updated Mon, 17 Oct 2016 03:31 AM IST
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आरएसएस ने अब शाखा को हर बस्ती और मुहल्ले में ले जाने का फैसला किया है। दस हजार की आबादी को एक बस्ती मानकर वहां नियमित शाखा कराने का प्लान बनाया गया है। शुरुआत सप्ताह में एक दिन शाखा लगाकर की जाएगी, फिर हर सुबह आयोजन होगा। इन शाखाओं के जरिये नौजवानों को जोड़ने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
आरएसएस ने इसके लिए मेरठ, उत्तराखंड, कानपुर, अवध, गोरखपुर, काशी और ब्रज प्रांत में आयोजित प्राथमिक ट्रेनिंग कैंप में रणनीति तैयार की है। ट्रेनिंग कैंप में पदाधिकारियों से कहा गया है कि वह अपने-अपने गांव और मुहल्लों में जाकर नौजवानों की टीम तैयार करें। उन्हें शाखा का महत्व समझाएं। दस हजार की आबादी पर एक बस्ती होगी। यानी जो भी गांव और मुहल्ले इस दायरे में आएंगे उनकी एक शाखा लगेगी। ब्रज क्षेत्र से इसकी शुरुआत हो रही है।
दीनदयाल धाम के निदेशक पदम सिंह ने बताया कि हर बस्ती के लिए एक शाखा प्रमुख तय किया जाएगा। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वह शाखा का आयोजन कराएं। शुरुआत में सप्ताह में एक बार शाखा लगेगी जिसे आहिस्ता-आहिस्ता नियमित कर दिया जाएगा। वैसे तो किसी भी आयु के लोग शाखा में आ सकेंगे लेकिन नौजवानों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने पर बल दिया जा रहा है। इन शाखाओं के माध्यम से 20 लाख नए सदस्य जोड़ने का फैसला किया गया है। नए सदस्यों को जोड़ने के लिए एक साल का टारगेट तय किया गया है।
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नौजवानों को दौड़ाएगी संघ की सीटी
वैसे तो शाखा 60 मिनट की होगी। भगवा ध्वज के साथ प्रार्थना होगी। 45 मिनट एक्सरसाइज होगी और 15 मिनट समसामयिक विषयों पर चर्चा। शाखा प्रमुख को जिम्मेदारी दी गई है कि वह सभी नौजवानों को दौड़, कबड्डी और खो-खो जैसे खेल भी खिलाएंगे। इनकी सीटी पर शाखा से जुड़े मेंबर दौड़ेंगे और रुकेंगे।
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आरएसएस ने इसके लिए मेरठ, उत्तराखंड, कानपुर, अवध, गोरखपुर, काशी और ब्रज प्रांत में आयोजित प्राथमिक ट्रेनिंग कैंप में रणनीति तैयार की है। ट्रेनिंग कैंप में पदाधिकारियों से कहा गया है कि वह अपने-अपने गांव और मुहल्लों में जाकर नौजवानों की टीम तैयार करें। उन्हें शाखा का महत्व समझाएं। दस हजार की आबादी पर एक बस्ती होगी। यानी जो भी गांव और मुहल्ले इस दायरे में आएंगे उनकी एक शाखा लगेगी। ब्रज क्षेत्र से इसकी शुरुआत हो रही है।
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दीनदयाल धाम के निदेशक पदम सिंह ने बताया कि हर बस्ती के लिए एक शाखा प्रमुख तय किया जाएगा। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वह शाखा का आयोजन कराएं। शुरुआत में सप्ताह में एक बार शाखा लगेगी जिसे आहिस्ता-आहिस्ता नियमित कर दिया जाएगा। वैसे तो किसी भी आयु के लोग शाखा में आ सकेंगे लेकिन नौजवानों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने पर बल दिया जा रहा है। इन शाखाओं के माध्यम से 20 लाख नए सदस्य जोड़ने का फैसला किया गया है। नए सदस्यों को जोड़ने के लिए एक साल का टारगेट तय किया गया है।
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नौजवानों को दौड़ाएगी संघ की सीटी
वैसे तो शाखा 60 मिनट की होगी। भगवा ध्वज के साथ प्रार्थना होगी। 45 मिनट एक्सरसाइज होगी और 15 मिनट समसामयिक विषयों पर चर्चा। शाखा प्रमुख को जिम्मेदारी दी गई है कि वह सभी नौजवानों को दौड़, कबड्डी और खो-खो जैसे खेल भी खिलाएंगे। इनकी सीटी पर शाखा से जुड़े मेंबर दौड़ेंगे और रुकेंगे।