अब आपके सफर के दौरान ट्रेन सुप्रीटेंडेंट दूर करेंगे शिकायतें
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सफर के दौरान अब आपकों शिकायत करके समाधान के लिए इंतजार नहीं करना होगा। शिकायतों का समाधान अब ट्रेन में ही होगा। इसके लिए रेल मंत्रालय ने ट्रेन सुप्रीटेंडेंट की जवाबदेही तय कर दी है। दिल्ली मंडल के वरिष्ठ कॉमर्शियल मैनेजर अब प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में काम करेंगे और ट्रेन के सुप्रीटेंडेंट को मॉनीटर करेंगे।
इसके लिए एक ऐप भी तैयार किया जाएगा। एप पर ट्रेन के सभी विभाग के लोग जुड़ेंगे और तत्काल ट्रेन सुप्रीटेंडेंट शिकायतों का समाधान कर सकेंगे। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रख एक व्यक्ति की जिम्मेदारी तय कर दी है।
विभिन्न चैनलों से पहुंचने वाली शिकायत अब सीधा ट्रेन के सुप्रीटेंडेंट तक पहुंचेगी और वहीं सफर के दौरान यात्रियों की सभी तरह की समस्या का समाधान असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट के साथ मिलकर करेंगे। यात्रा के दौरान यात्री शिकायत कहीं भी करे ट्रेन सुप्रिटेंडेंट की जवाबदेही होगी।
राजधानी ट्रेन से होगी सुविधा की शुरूआत
बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट दिल्ली से चलने वाली राजधानी ट्रेन में यह सुविधा सबसे पहले दी जाएगी। इसके लिए सेंटर फॉर इंफारमेशन सिस्टम (क्रिस) एक एप तैयार करेगा। इस एप पर 138 और 182 पर यात्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतें, समस्यां ट्रेन सुप्रिटेंडेंट को दी जाने वाली डिवाइस पर पहुंचेगी।
इस ऐप पर रेलवे के सभी पदाधिकारी जुड़ेंगे। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को सोशल साइट (ट्वीटर, फेसबुक, ई-मेल) पर मिलने वाली शिकायतें भी डिवाइस से कनेक्ट होगी। रेल मंडल के वरिष्ठ कॉमर्शिल मैनेजर अब बतौर प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में काम करेंगे और ट्रेन के सुप्रीटेंडेंट से संपर्क साध कर यात्रियों की समस्या का समाधान करेंगे।
बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट नई दिल्ली, निजामुद्दीन से चलने वाली राजधानी ट्रेनों में सबसे पहले यह सुविधा मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसकी सफलता के बाद अन्य ट्रेन के यात्रियों को भी इस तरह की सुविधा मिलेगी। राजधानी ट्रेन के सभी कोच में टीएस का नंबर डिस्प्ले किया जाएगा। ताकि वन विंडो सर्विस से यात्रियों को सुविधा मिल सके।