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अगस्ता वेस्टलैंड के बाद नेवी के जहाजों की खरीद पर घिरी यूपीए 

Sun, 15 May 2016 02:32 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली
राघवेंद्र नारायण मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 15 May 2016 02:32 AM IST
सार

  • भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, नेवी टैंकरों में इटली की कंपनी को मिली यूपीए सरकार से छूट
  • हथियार बनाने वाली स्टील के बदले कम गुणवत्ता वाली स्टील के इस्तेमाल का आरोप
     

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Now Navy scam charges grips UPA
आईएनएस शक्ति

विस्तार

अगस्ता वेस्टलैंड के बाद अब नेवी जहाजों की खरीद पर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने यूपीए सरकार पर इटली की कंपनी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस डील में भी कांग्रेस के बड़े नेताओं की ओर उंगलियां उठाई जाने लगी है। आरोप है कि इटली की कंपनी ने हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली स्टील के बदले टैंकरों के निर्माण में घटिया स्टील लगाया।

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रक्षा मंत्रालय इस मामले की जांच की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक आईएनएस दीपक और आईएनएस शक्ति से जुड़ी यह डील लगभग 1872 करोड़ रुपये की थी। दो नेवी टैंकरों की इस खरीद पर सीएजी ने 2010 में इटली कंपनी को फायदा पहुंचाने की ओर संकेत किया था। इटली की संबंधित कंपनी 230 साल पुरानी है।
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टैंकरों की निर्माण के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्टील का इस्तेमाल जरूरी है ताकि इससे ईंधनों की ढ़ुलाई के क्रम में दिक्कतें पेश नहीं आए। इसके लिए डीएमआर 249 स्तर की स्टील के इस्तेमाल की जरुरत होती है जिसकी कीमत सामान्य स्टील से दोगुनी और उससे भी अधिक होती है। आरोप है कि इटली की कंपनी ने डीएमआर 249 के बदले डीएच 36 स्तर का स्टील इस्तेमाल किया। सीएजी ने भी 2010 में इसे रेखांकित किया। 

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आईएएनस दीपक टैंकर में दरार के बाद हुआ खुलासा

Now Navy scam charges grips UPA
अाईएनएस दीपक

विवाद तब खड़ा हुआ जब कुछ दिन पहले आईएनस दीपक टैंकर में दरार आई। एक नेवी अफसर ने इसकी ओर इशारा किया था। तब मामले की जांच के लिए बोर्ड आफ इनक्वायरी भी बैठाई गई थी। सूत्रों के मुताबिक उस जांच में इस दरार को तापक्रम में हुए परिवर्तन से जोड़कर देखा गया था। नेवी के इन टैंकरों की खरीद के लिए 2009 में इटली की कंपनी से करार हुआ।

तब यूपीए की सरकार थी। अगस्ता वेस्टलैंड की डील की तरह इस डील के समय भी एके एंटनी ही रक्षा मंत्री थे। सौंदे के टेंडर जारी होने के बाद रुस, कोरिया और इटली की कंपनियों ने आवेदन किया। डील इटली की कंपनी के साथ हुई। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए इसकी तत्‍काल जांच जरूरी है। राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ एक गंभीर मसला है। 

यूपीए सरकार के समय कई बड़े घोटाले हुए। कांग्रेस घोटालों की चैंपियन रही है। देश को यह जानने का हक है कि नौसेना के टैंकरों की खरीद में गड़बड़ी के लिए कौन लोग दोषी हैं। देश के सामने इस घोटाले का सच आना जरूरी है। भाजपा ने रक्षा मंत्रालय से इस मामले में तेजी से जांच कराने की मांग की है ताकि घोटाले का सच देश के सामने आ सके। 

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