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देश में अभी और बढ़ेंगे कोरोना के मामले,अस्पताल बनाने जरूरी, सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा

Fri, 05 Jun 2020 03:27 AM IST
श्रीधर मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Fri, 05 Jun 2020 03:27 AM IST
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Now more cases of corona will increase in the country, it is necessary to build a hospital: Central government to Supreme Court
फाइल फोटो - फोटो : PTI

केंद्र ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि देश में कोरोना के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आने वाले दिनों में कोरोना के मामले और बढ़ेंगे। ऐसे में मौजूदा अस्पतालों के अलावा बड़ी संख्या में अस्थायी अस्पताल बनाने होंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि इन अस्पतालों के बनने से लोगों का इलाज सही तरीके से हो सकेगा और उचित देखभाल हो सकेगी। इसके लिए बुनियादी व्यवस्था और कार्य बल को बढ़ाना होगा। साथ ही मानव संसाधन पर भी कदम उठाने की जरूरत है।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कोरोना से लड़ाई में जुटे डॉक्टरों और हेल्थ केयर स्टॉफ के लिए विशेषक्षों ने समय-समय पर कदम उठाए हैं और उनके लिए गाइडलाइन और प्रोटोकॉल तैयार किया है। सरकार ने बताया है कि 99.34 लाख पीपीई किट बांटे गए हैं। एक जून तक केंद्र की तरफ से 123.08 लाख एन-95 मास्क बांटे गए हैं। सरकार का कहना है कि पीपीई किट का उपयोग करने वाले हेल्थ केयर कर्मी किसी भी जोखिम से सुरक्षित हैं। उनके परिवार और बच्चों के लिए कोई अतिरिक्त जोखिम नहीं है। दरअसल, कोर्ट ने कोरोना के इलाज में लगे डॉक्टरों को क्वारंटीन करने के लिए बेहतर इंतजाम की मांग वाली डॉ. आरुषि जैन की याचिका पर सरकार से जवाब मांगा था।

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संक्रमण से खुद को बचाने की अंतिम जिम्मेदारी स्वास्थ्यकर्मियों की

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा है कि स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में अस्पताल संक्रमण नियंत्रण समिति संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित ट्रेनिंग के लिए जिम्मेदार है। संक्त्रस्मण से खुद को बचाने और सुरक्षित रखने की अंतिम जिम्मेदारी स्वास्थ्यकर्मियों की ही है। केंद्र सरकार ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे ये पता चलता हो कि पीपीई किट पहनने वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को कोरोना का संक्रमण हो रहा हो। याचिकाकर्ता ने सिर्फ अनुमान लगाया है।

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