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एम्स में इलाज के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने की तैयारी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:28 AM IST
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एम्स
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रशासन पूरी तरह से एम्स को डिजिटल बनाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यदि आप एम्स में इलाज कराना चाहते हैं तो आपको पहले आधार कार्ड बनवाना होगा। एम्स प्रशासन की तैयारी है कि एम्स में इलाज कराने आने वाले सभी मरीजों के पास आधार नंबर हो।
एम्स के उप निदेशक (प्रशासन) वी.श्रीनिवास की ओर से केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सीके मिश्रा को पत्र लिखा गया है। पत्र में आधार नंबर को अनिवार्य करने के लिए अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया गया है। एम्स प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से मरीजों को भी लाभ मिलेगा। एम्स में एक बार मरीज का पंजीकरण होने पर उसकी पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यही नहीं मरीजों को सरकारी स्कीम का लाभ मिलने भी आसानी होगी।
वर्तमान में भी एम्स में पंजीकरण कराते समय आधार नंबर दर्ज होता है लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। एम्स में प्रति वर्ष करीब 40 लाख लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। एम्स कम्प्यूटराइजेशन कमेटी के प्रमुख डॉ. दीपक अग्रवाल का कहना है कि अभी करीब 10 फीसदी मरीज ही अपना आधार नंबर, यूनिक हेल्थ आइडेंटिफिकेशन (यूएचआईडी) नंबर से लिंक कराते हैं।
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एम्स के उप निदेशक (प्रशासन) वी.श्रीनिवास की ओर से केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सीके मिश्रा को पत्र लिखा गया है। पत्र में आधार नंबर को अनिवार्य करने के लिए अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया गया है। एम्स प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से मरीजों को भी लाभ मिलेगा। एम्स में एक बार मरीज का पंजीकरण होने पर उसकी पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यही नहीं मरीजों को सरकारी स्कीम का लाभ मिलने भी आसानी होगी।
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वर्तमान में भी एम्स में पंजीकरण कराते समय आधार नंबर दर्ज होता है लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। एम्स में प्रति वर्ष करीब 40 लाख लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। एम्स कम्प्यूटराइजेशन कमेटी के प्रमुख डॉ. दीपक अग्रवाल का कहना है कि अभी करीब 10 फीसदी मरीज ही अपना आधार नंबर, यूनिक हेल्थ आइडेंटिफिकेशन (यूएचआईडी) नंबर से लिंक कराते हैं।
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