{"_id":"5b91916c867a557ea82f4aac","slug":"notice-to-the-government-on-illegal-pathology-centers-openly-tested-patients-in-many-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध पैथोलॉजी केंद्रों पर सरकार को नोटिस, कई क्षेत्रों में खुलेआम मरीजों का टेस्ट कर रहीं लैब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अवैध पैथोलॉजी केंद्रों पर सरकार को नोटिस, कई क्षेत्रों में खुलेआम मरीजों का टेस्ट कर रहीं लैब
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Fri, 07 Sep 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
पैथोलॉजी टेस्ट
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी में हर दिन खुल रहे अवैध पैथोलॉजी केंद्रों के कारोबार पर अंकुश के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस दिया है। याचिका के अनुसार देश में पैथोलॉजी केंद्र या डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना के लिए नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड ऑफ लैबस (एनएबीएल) को अधिकार है।
एनएबीएल की रिपोर्ट में स्पष्ट है कि दिल्ली में केवल 132 लैब को ही लाइसेंस प्राप्त है। दिल्ली से सटे शहरों की बात करें तो एनसीआर में मान्यता प्राप्त पैथोलॉजी केंद्रों की संख्या 207 है। जबकि अनुमान है कि दिल्ली और एनसीआर में करीब 10 हजार से ज्यादा पैथोलॉजी केंद्र हैं। ऐसे में बगैर लाइसेंस चल रहे इन केंद्रों के खिलाफ सरकार के पास कार्रवाई की कोई नीति नहीं है।
मरीज जानकारी के अभाव में इन अवैध जांच केंद्रों के शिकार हो रहे हैं। अधिवक्ता शशांक का कहना है कि याचिका दायर करने से पहले उन्होंने पैथोलॉजी केंद्रों के इस अवैध कारोबार को लेकर पड़ताल भी की थी। इस दौरान उन्होंने चार केंद्रों पर जाकर रक्त जांच कराई तो हकीकत चौंकाने वाली थी।
विज्ञापन
सभी केंद्रों की रिपोर्ट में अलग अलग परिणाम देखने को मिला। यहीं नहीं रक्त जांच करने वाले केंद्र पर मौजूद स्टाफ शिक्षित नहीं है। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार से इस पर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
एनएबीएल की रिपोर्ट में स्पष्ट है कि दिल्ली में केवल 132 लैब को ही लाइसेंस प्राप्त है। दिल्ली से सटे शहरों की बात करें तो एनसीआर में मान्यता प्राप्त पैथोलॉजी केंद्रों की संख्या 207 है। जबकि अनुमान है कि दिल्ली और एनसीआर में करीब 10 हजार से ज्यादा पैथोलॉजी केंद्र हैं। ऐसे में बगैर लाइसेंस चल रहे इन केंद्रों के खिलाफ सरकार के पास कार्रवाई की कोई नीति नहीं है।
विज्ञापन
मरीज जानकारी के अभाव में इन अवैध जांच केंद्रों के शिकार हो रहे हैं। अधिवक्ता शशांक का कहना है कि याचिका दायर करने से पहले उन्होंने पैथोलॉजी केंद्रों के इस अवैध कारोबार को लेकर पड़ताल भी की थी। इस दौरान उन्होंने चार केंद्रों पर जाकर रक्त जांच कराई तो हकीकत चौंकाने वाली थी।
विज्ञापन
सभी केंद्रों की रिपोर्ट में अलग अलग परिणाम देखने को मिला। यहीं नहीं रक्त जांच करने वाले केंद्र पर मौजूद स्टाफ शिक्षित नहीं है। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार से इस पर जवाब मांगा है।