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CAA: सीएए के विरोध में पूर्वोत्तर छात्र संगठन कल मनाएंगे 'ब्लैक डे', काले झंडे और काले बैनर लगाएंगे
Sat, 10 Dec 2022 09:34 PM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, शिलांग
अमर उजाला ब्यूरो, शिलांग
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 10 Dec 2022 09:34 PM IST
सार
11 दिसंबर को पूरे पूर्वोत्तर के लिए हमेशा 'ब्लैक डे' के रूप में याद किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में प्रभावशाली छात्र निकायों के संगठन एनईएसओ के सदस्य पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थानों पर काले झंडे और काले बैनर लगाएंगे।
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सीएए और एनआरसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) ने कहा कि वह नागरिकता (संशोधन) अधिनियम या सीएए के विरोध में रविवार को पूरे उत्तर पूर्व क्षेत्र में 'ब्लैक डे' के रूप में मनाएगा। एनईएसओ के चेयरमैन सैमुअल जिर्वा ने कहा, 11 दिसंबर, 2019 को, राज्यसभा ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी जिसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने वाला विधेयक पास किया गया।
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उन्होंने कहा, 11 दिसंबर को पूरे पूर्वोत्तर के लिए हमेशा 'ब्लैक डे' के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में प्रभावशाली छात्र निकायों के संगठन एनईएसओ के सदस्य पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थानों पर काले झंडे और काले बैनर लगाएंगे। उन्होंने कहा, यह प्रदर्शन भारत सरकार को यह संदेश देने के लिए है कि हम इस नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 के खिलाफ हैं।
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जिर्वा ने क्षेत्र के लोगों से कठोर कानून के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह करते हुए कहा कि यह एक और राजनीतिक अन्याय है जिसका सामना पूर्वोत्तर के मूल निवासियों को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, मूल निवासियों के लगातार विरोध के बावजूद भारत सरकार ने संसद में विधेयक पारित किया।
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