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ऑपरेशन ब्लू स्टार में जब्त वस्तुओं की जानकारी न देना सही फैसला: सीआईसी
Sat, 07 Nov 2020 02:33 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 07 Nov 2020 02:33 AM IST
सार
गृह मंत्रालय के जवाब से असंतुष्ट आवेदनकर्ता ने सूचना आयोग में की थी अपील
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स्वर्ण मंदिर, अमृतसर
- फोटो : PTI
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विस्तार
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान बरामद वस्तुओं की जानकारी सार्वजनिक न करने के केंद्र के निर्णय को सही ठहराया है। सीआईसी वाईके सिन्हा ने कहा, आवेदनकर्ता ऐसी जानकारी मांग रहे हैं, जिसे सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत उजागर नहीं किया जा सकता। इसलिए आयोग इस मामले में और हस्तक्षेप नहीं करेगा।
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उल्लेखनीय है कि स्वर्ण मंदिर में छिपे उग्रवादियों को निकालने के लिए सेना ने जून, 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार किया था। सैन्य अभियान में 493 उग्रवादी, आम नागरिक और 83 सैन्यकर्मी मारे गए थे।
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आरटीआई के तहत गुरविंदर सिंह चड्ढा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से उस दौरान जब्त वस्तुओं की सूची और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी तथा मृतकों की सूची मांगी थी। मंत्रालय ने कहा था, सैन्य अभियान के दौरान चार हजार दस्तावेज, पुस्तकें, फाइल सोना-चांदी के आभूषण, रत्न, मुद्रा, सिक्के बरामद हुए थे। ये वस्तुएं और दस्तावेज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी या पंजाब सरकार को सौंप दिए गए थे। जब्त वस्तुओं की सटीक जानकारी न मिलने से असंतुष्ट चड्ढा ने मंत्रालय में पहली अपील दायर की, जिन्होंने आरटीआई की धारा 8, 1(ए) का हवाला देते हुए जानकारी देने से मना कर दिया।
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आरटीआई की इस धारा के तहत सरकार उस जानकारी को देने से मना कर सकती है, जिससे देश की संप्रभुता और अखंडता प्रभावित होने की आशंका होती है। इसके बाद आवेदनकर्ता ने सूचना आयोग में दूसरी अपील दायर की, लेकिन आयोग ने केंद्र के निर्णय को सही ठहराते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।