{"_id":"5c320cb7bdec2256cf3e8fed","slug":"non-bjp-government-responsible-for-backwardness-of-eastern-uttar-pradesh-said-manoj-sinha","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर भाजपा सरकार जिम्मेदार : मनोज सिन्हा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर भाजपा सरकार जिम्मेदार : मनोज सिन्हा
Sun, 06 Jan 2019 07:42 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 06 Jan 2019 07:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने आज कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूर्वांचल विकास का नया मॉडल बना है। सिन्हा ने यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में आयोजित गाजीपुर समागम को संबोधित करते हुए कहा कि गाजीपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े चार साल के दौरान जो सकारात्मक बदलाव आया है उसे आगे बढ़ाना है।
विज्ञापन
सिन्हा इन दिनों देश के अगल-अलग शहरों में गाजीपुर समागम कर उसमे अपने लोकसभा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों की जानकारी गाजीपुर से दूर रह रहे जिले के नागरिकों को देने के साथ ही विकास के लिए गाजीपुर प्रवासियों से उनका सुझाव भी ले रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने ने गाजीपुर जिले के लिए दो बड़ी सौगातों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी खाद्य प्रसंस्करण ईकाई गाजीपुर में स्थापित की जाएगी और उड़ान योजना के तहत अगले छह महीने में गाजीपुर से मुंबई, दिल्ली और लखनऊ के लिए विमान सेवा शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
पूर्वांचल में चल रहे विकास कार्यो का उल्लेख करते हुए सिन्हा ने कहा कि गोरखपुर में एम्स की स्थापना, बंद पड़े यूरिया कारखाने का खोला जाना, वाराणसी के सर सुंदर लाल अस्पताल को एम्स का दर्जा, वाराणसी में कैंसर संस्थान की स्थापना, सड़क और रेल सुविधाओं का विकास पूर्वांचल को विकास के नए रास्ते पर ले आया है।
विज्ञापन
गाजीपुर से बाहर प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे गाजीपुर के लोगों से सिंन्हा ने कहा कि वे साल में कम से कम दो बार अपने गृह जनपद जरूर जायें और स्थानीय सरकारी विद्यालयों की अवसंरचना के सुधार में योगदान करें।
उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर गाजीपुर को स्वच्छता सूची में शामिल करवाने अपने जिले को वैश्विक पहचान दिलाने के बारे में मिल बैठकर विचार करने की जरूरत है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गाजीपुर के प्रवासियों के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी वरिष्ठ पदों पर कार्यरत गाजीपुर के नागरिकों ने हिस्सा लिया।