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भीमा कोरेगांव मामले से कोई संबंध नहीं, एनआईए कर रही उत्पीड़न की कोशिश : आईआईएसईआर प्रोफेसर
Mon, 07 Sep 2020 03:30 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 07 Sep 2020 03:30 AM IST
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Bhima-Koregaon violence case
- फोटो : फाइल फोटो
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पश्चिम बंगाल में कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) के प्रोफेसर पार्थ सारथी रॉय ने रविवार को कहा कि उनका 2018 में भीमा कोरेगांव हिंसा से कोई संबंध नहीं है और एनआईए उनका उत्पीड़न करने की कोशिश कर रही है जैसा अन्य बुद्धिजीवियों के साथ हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भीमा कोरेगांव मामले में रॉय को 10 सितंबर को मुंबई कार्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया है।
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जांच एजेंसी ने 10 सितंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है
रॉय ने कहा कि उनके खिलाफ कोई आरोप भी नहीं है और वह कभी भी भीमा कोरेगांव मेमोरियल भी नहीं गए हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए ने सीआरपीसी की धारा 160 के तहत मामले में गवाह के बतौर समन जारी किया है। उनका भीमा कोरेगांव मामले से कोई लेनादेना नहीं है। यहां तक उन्हें इस घटना के बारे में समाचार पत्रों के जरिए जानकारी मिली।
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उन्होंने कहा कि एनआईए का समन और कुछ नहीं बल्कि उनका उत्पीड़न और भयभीत करना है जैसा देशभर के बुद्धिजीवियों के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह बॉयोमेडिकल वैज्ञानिक हैं और कोविड-19 के खिलाफ जंग में शामिल हैं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे संकट के वक्त में उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
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