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Lok Sabha: 'बंगाल में PM जनमन के तहत आवास, सड़क, आंगनवाड़ी पर कोई प्रगति नहीं', केंद्र ने संसद को दी जानकारी
Thu, 13 Feb 2025 03:47 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 13 Feb 2025 03:47 PM IST
सार
Lok Sabha: केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पश्चिम बंगाल में पीएम जनमन योजना के तहत कमजोर आदिवासी समूहों के लिए आवास, सड़क, आंगनवाड़ी और छात्रावास पर कोई प्रगति नहीं हुई है। केंद्रीय मंत्री दुर्गा दास उइके ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने अभी तक बहु-उद्देशीय केंद्रों के लिए प्रस्ताव भी नहीं भेजे हैं।
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लोकसभा की कार्यवाही
- फोटो : X / @sansad_tv
विस्तार
केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के लिए 'पीएम जनमन' के तहत आवास, सड़क, आंगनवाड़ी और छात्रावस पर पश्चिम बंगाल में कोई प्रगति नहीं हुई है।
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क्या है पीएम जनमन
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) का शुभारंभ नवंबर 2023 में किया गया था। इस योजना का मकसद खास तौर पर कमजोर जनजातीय समूहों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सड़क और दूरसंचार संपर्क और आजीविका के अवसर जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है। इस योजना को नौ केंद्रीय मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही 11 पहलों के जरिए लागू किया जा रहा है।
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पीवीटीजी क्या हैं
पीवीटीजी ऐसे समुदाय होते हैं, जिनकी जीवनशैली बहुत पुरानी होती हैं। इनमें लोग तकनीकी रूप से पिछड़े होते हैं। इनकी आबादी धीमी गति से बढ़ती है। साधरता बहुत कम होती है। आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर होती है। इन सभी वजहों से इन समुदायों को मदद की जरूरत होती है।
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सरकार ने क्या कहा
भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो के एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि पीएम जनमन के तहत बहु-उद्देशीय केंद्र स्थापित करने थे, जिसे मंत्रालय से पूरी वित्तीय मदद मिलनी थी। लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने अब तक इन केंद्रों के लिए प्रस्ताव नहीं भेजे हैं। इसके अलावा, विभागों या मंत्रालयों से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पीएम जनमन के तहत आवास, सड़कें, आंगनवाड़ी और छात्रावासों पर कोई प्रगति नहीं देखी गई है।
भाजपा सांसद ने क्या पूछा था
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से सांसद महतो ने पूछा था कि क्या राज्य सरकार पीएम जनमन के क्रियान्वयन में सक्रिय रूप से भाग ले रही है और अब तक किस तरह की प्रगति हुई है। इस पर उइके ने कहा कि मंत्रालय पश्चिम बंगाल सरकार से नियमित रूप से संपर्क कर रहा है, ताकि पीएम जनमन का सही तरीके क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर पीएम गतिशक्ति मोबाइल एप का उपयोग कर पीवीटीजी की आबादी का अनुमान लगाने और बुनियादी ढांचे में खामियों की पहचान कर रहा है, ताकि उन्हें पीएम जनमन में शामिल किया जा सके। अक्तूबर 2024 तक पश्चिम बंगाल में एकत्रित आंकड़ों में तीन पीवीटीजी समुदायों बिरहोर, लोढ़ा और टोतो के विवरण शामिल हैं। इन समुदायों के 67,431 लोग राज्य के अलीपुरद्वार, झारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, और पुरुलिया जिलों में रहते हैं।