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मरघट पर दबाव नहीं: दिल्ली में हर घंटे कोरोना से दो मौतें, फिर भी श्मशान घाटों पर इस बार परेशानी नहीं
Mon, 12 Apr 2021 06:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 12 Apr 2021 06:53 PM IST
सार
- राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में अंत्येष्टि की इजाजत
- हर क्षेत्र के प्रमुख शवदाह केंद्रों को दी गई अनुमति
- सीएनजी के साथ लकड़ी से भी शवदाह की इजाजत
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funeral
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना से हो रही रिकॉर्ड मौतों के कारण देश के अनेक शहरों में श्मशान घाटों पर दबाव बढ़ गया है। कई शहरों में कोरोना शवों की अंतिम क्रिया के लिए भी लोगों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन दिल्ली में लोगों को इस बार बढ़ती मौतों के बावजूद ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा। इसकी बड़ी वजह है कि प्रशासन ने कोरोना शवों की अंतिम क्रिया को लेकर घाटों की संख्या बढ़ा दी है। कोरोना शवों के सीएनजी के साथ-साथ लकड़ी से भी शवदाह कराने की अनुमति मिल गई है।
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दिल्ली में रविवार को पहली बार कोरोना मौतों का आंकड़ा 48 पर जा पहुंचा। यानी यहां हर घंटे में लगभग दो लोगों की मौत हो रही है। शनिवार को भी यहां 39 लोगों की कोरोना के कारण जान चली गई थी। आठ अप्रैल को 24, सात अप्रैल को 20 और छह अप्रैल को 17 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई थी।
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निगम बोध घाट पर नियमों का सख्ती से पालन
निगम बोध घाट के पंडित संजय शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि कोरोना शवों की अंतिम क्रिया कोरोना नियमों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। पंडित से लेकर अंतिम क्रिया करने वाले कर्मचारी तक सभी नियमों का पालन करते हुए और उचित दूरी बनाए रखते हुए अंतिम क्रिया करा रहे हैं। किसी भी शव के साथ 20 से अधिक लोगों के श्मशान घाट पर आने की अनुमति नहीं है।
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पिछली बार हुई थी परेशानी
कोरोना की पहली लहर के दौरान राजधानी में कोरोना शवों की अंतिम क्रिया करने की अनुमति केवल निगम बोध घाट को ही दी गई थी। यहां भी केवल सीएनजी चलित शवदाह से ही अंत्येष्टि की इजाजत दी गई थी। इससे यहां दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था। अंतिम क्रिया के लिए भी कोरोना शव लेकर आने वाले लोगों को काफी इंतजार करना पड़ रहा था।
दूसरी कोरोना लहर के दौरान लोगों की परेशानी न हो इसलिए राजधानी के कई अन्य घाटों को भी कोरोना शवों की अंतिम क्रिया की अनुमति दे दी गई। साथ ही लकड़ी से भी अंतिम क्रिया की इजाजत दी गई, जिससे अब किसी भी घाट पर न भीड़ हो रही है और न ही अंत्येष्टि में परेशानी। रविवार को निगमबोध घाट पर 18 और शनिवार को 13 कोरोना शव लाए गए थे, जिनकी अंतिम क्रिया की गई।
यहां है कोरोना शवों के अंतिम कर्म की अनुमति
निगमबोध घाट, पंजाबी बाग श्मशान घाट और लोदी रोड का मुक्तिधाम केंद्र राजधानी में शवदाह के लिए प्रमुख केंद्र हैं। इन सभी जगहों पर कोरोना शवों की अंतिम क्रिया की अनुमति दी गई है। इनके अलावा पूर्वी दिल्ली में गाजीपुर श्मशान घाट, कड़कड़डूमा घाट और दो कब्रिस्तानों शास्त्री पार्क, खिचड़ीपुर के पास बने कब्रिस्तान में भी कोरोना शवों की अंतिम क्रिया की अनुमति दी गई है। आईटीओ के पास स्थित कब्रगाह पर भी कोरोना शवों की अंतिम क्रिया की जा रही है।