काम की खबर: कब कराएं आरटी-पीसीआर और कब नहीं, आईसीएमआर ने जारी की नई गाइडलाइन
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने गुरुवार को आरटी-पीसीआर को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है किन परिस्थितियों में आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए और कब नहीं।
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देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर जारी है। हालात बिगड़ते देख केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने के लिए कहा। इस बीच, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने गुरुवार को आरटी-पीसीआर को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है किन परिस्थितियों में आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए और कब नहीं।
कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार जारी है। आरटी-पीसीआर टेस्ट के जरिए पता किया जाता है कि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं। देश में लैब कर्मियों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब आईसीएमआर ने आरटी-पीसीआर को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। यहां पढ़ें आईसीएमआर के आरटी-पीसीआर को लेकर नए दिशानिर्देश ...
ऐसे में आरटी-पीसीआर जांच की जरूरत नहीं
- रैपिड एंटीजन टेस्ट में कोरोना संक्रमण पाए जाने पर आरटी-पीसीआर जांच नहीं करानी चाहिए।
- पहली बार आरटी-पीसीआर जांच में व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया।
- जब कोई व्यक्ति 10 दिनों तक होम आइसोलेशन में हो और तीन दिन से बुखार न आया हो।
- अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।
- अगर किसी व्यक्ति ने अंतरराज्यीय यात्रा की है तो टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।
कब कराना चाहिए आरटी-पीसीआर टेस्ट?
आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अगर रैपिड एंटीजन में कोई व्यक्ति कोरोना निगेटिव आता है, लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं, तो उसे कोरोना का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए।
आईसीएमआर ने क्यों जारी की नई गाइडलाइन?
देश में कोरोना मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि जारी है। देश में अभी कुल 2,506 लैब हैं, जहां टेस्ट किए जा रहे हैं। नई गाइडलाइन जारी करने के पीछे का उद्देश्य यह है कि लोग बिना वजह टेस्ट न कराए, जिससे की लैब पर बोझ नहीं बढ़ेगा। आईसीएमआर ने कहा कि मौजूदा वक्त में लैब में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह से दबाव ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में टेस्टिंग के टारगेट को पूरा करने में मुश्किलें आ रहीं हैं। इस स्थिति को देखते हुए आरटी-पीसीआर सिर्फ वे ही लोग कराएं, जिन्हें जरूरत हो।
एंटीजन टेस्टिंग कराने की सिफारिश की
आईसीएमआर ने नई गाइडलाइन में एंटीजन टेस्ट बढ़ाने की सिफारिश की है। आईसीएमआर ने कहा कि हर सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीजन टेस्ट करने की अनुमति दी जा सकती है। शहर से लेकर गांव तक एंटीजन टेस्ट बूथ खोले जा सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सके। आईसीएमआर ने लोगों से बेवजह यात्रा करने से बचने और जरूरी यात्रा के दौरान कोविड प्रॉटोकॉल का पालन करने की भी अपील की है।