झड़प में घायल हुए सैनिकों की हालत अब स्थिर, जल्द ही वापस ड्यूटी पर लौटेंगे
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पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में सोमवार को भारत और चीन सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद दावा किया जा रहा था कि चीनी सेना ने भारत के कुछ सैनिकों को बंधक बना लिया है और कुछ सैनिक लापता हुए हैं। लेकिन पहले भारतीय सेना और फिर विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया है। वहीं, भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया है कि सभी जवानों की स्थिति अब स्थिर है और जल्द ही वह वापस ड्यूटी पर लौट आएंगे।
भारत ने चीन से कहा कि वह अपनी गतिविधियों को वास्तविक नियंत्रण रेखा के उसके अपने क्षेत्र तक ही सीमित रखे और उसे इसमें बदलाव के लिए कोई एकपक्षीय कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। गलवान घाटी की हिंसक झड़प का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में संवाददाताओं से बातचीत में श्रीवास्तव ने कहा कि सोमवार रात को गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद से कोई भारतीय जवान लापता नहीं है।
उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन पर जिम्मेदाराना रुख के साथ भारत का बहुत स्पष्ट मत है कि उसकी सभी गतिविधियां हमेशा एलएसी के इस ओर होती हैं। हम चीनी पक्ष से अपेक्षा करते हैं कि वह भी अपनी गतिविधियों को एलएसी के अपनी तरफ सीमित रखे।
प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्ष अपने-अपने दूतावासों और विदेश कार्यालयों के माध्यम से नियमित संपर्क में हैं और जमीनी स्तर पर भी संपर्क कायम रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा के मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कामकाजी प्रणाली समेत हमारी अन्य स्थापित कूटनीतिक प्रणालियों पर बातचीत जारी है।
श्रीवास्तव ने कहा कि हम सीमावर्ती क्षेत्रों में अमन-चैन बनाए रखने की जरूरत पर और मतभेदों को संवाद के माध्यम से सुलझाने पर पूरी तरह दृढ़संकल्पित हैं, वहीं उसी समय जैसा कि प्रधानमंत्री ने कल कहा था, हम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बता दें कि एक अमेरिकी न्यूज वेबसाइट ने दावा किया था कि चीन द्वारा भारतीय सैनिकों को बंधक बनाया गया है। इसके जवाब में बृहस्पतिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि कोई भी भारतीय सैनिक लापता या बंधक नहीं है।
दरअसल भारत और चीन के बीच पांच दशकों में सबसे बड़े सैन्य टकराव के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते में कड़वाहट बढ़ गई है। लद्दाख की गलवां घाटी में 15 जून की रात चीनी सैनिकों की तरफ से धोखे से भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया गया था जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए।
घायल सैनिकों की स्थित अब ठीक, जल्द लौटेंगे ड्यूटी पर
भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया है कि सभी जवानों की स्थिति अब स्थिर है। 10 जवान लेह में स्थित सेना के अस्पताल में हैं जो 15 दिन के अंदर ड्यूटी पर वापस आ जाएंगे। 58 सैनिक अन्य अस्पतालों में हैं जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। इनके एक सप्ताह में ठीक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
58 personnel that are at other hospitals have minor injuries, hence the optimistic timeframe of one week for their recovery: Indian Army Sources #GalwanValleyClash https://t.co/xVqyPUORXE
— ANI (@ANI) June 18, 2020