देश के 37 फीसदी स्कूलों में आज भी अंधेरा, नहीं है बिजली कनेक्शन
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गुरुवार को राज्यसभा में देश में स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में एक बेहद से चौका देने वाली बात का खुलासा हुआ। केंद्र सरकार ने बताया कि मार्च 2017 तक देश के लगभग 37 फीसदी स्कूल में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है।
वहीं देश के केवल 62.81 फीसदी स्कूलों में ही बिजली का कनेक्शन है। इस लिस्ट में सबसे नीचे झारखंड का नाम है, जहां केवल 19 फीसदी स्कूल में ही बिजली का कनेक्शन है। वहीं इस लिस्ट में दिल्ली, चंडीगढ़, दादर नजर हवेली, दमन और दीव, लक्ष्यदीप और पोंडिचेरी टॉप पर है।
इस शहरों के 100 फीसदी स्कूलों में बिजली का कनेक्शन है। जिन राज्यों के स्कूलों में बिजली के कनेक्शन कम है उनमें असम जहां 25 फीसीद और मेघालय जहां 28.54 फीसदी स्कूलों में बिजली का कनेक्शन है। इस लिस्ट में बिहार (37.78%), मध्य प्रदेश(28.80%), मणिपुर (39.27%), ओडिशा (33.03%) और त्रिपुरा (29.77%) भी शामिल हैं।
'2016-17 में 1,87,248 स्कूलों में बिजली की सुविधा मुहैया कराई गई'
राज्य एचआरडी मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में लिखित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य और केंद्री शासित प्रदेशों को इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को बढ़ाने में मदद करती है। इन सुविधाओं में ही स्कूलों में बिजली का मुद्दा भी आता है। इसके लिए सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान कार्यक्रम चला रही है।
उन्होंने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत 2016-17 में 1,87,248 स्कूलों में बिजली की सुविधा मुहैया कराई गई। जबकि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 12,930 सेकेंडरी स्कूल में बिजली की सुविधा प्रदान की गई है।