आईएसआई मार्क अनिवार्य होने से अब नहीं टूटेंगे स्टेनलेस स्टील के बर्तन
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घरों में इस्तेमाल होने वाले स्टेनलेस स्टील के बर्तन अब नहीं टूटेंगे क्योंकि सरकार ने स्टेनलेस स्टील के निर्माण के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का आईएसआई मार्क अनिवार्य कर दिया है। बीआईएस ने इसके लिए एक नया मानक बनाया है, जो देशी स्टेनलेस स्टील उत्पादों के साथ-साथ चीन या किसी अन्य देश से आयात होने वाले स्टेनलेस स्टील पर भी लागू होगा।
बीआईएस की महानिदेशक, अलका पंडा ने मंगलवार को यहां बताया कि बीआईएस ने इस बारे में जो मानक तैयार किया है, वह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इंडियन स्टेनलेस डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष, एनसी माथुर के मुताबिक, इस मानक को केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय ने भी अधिसूचित कर दिया है।
अब देश में बनने वाले स्टेनलेस स्टील में अनिवार्य रूप से कम से कम एक फीसदी निकेल डालना होगा। घरों में इस्तेमाल होने वाले स्टेनलेस स्टील के बर्तन इसलिए फटते हैं, क्योंकि उसमें निकेल बेहद कम होता है या होता ही नहीं है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उत्पाद सस्ता हो।
चीन से आने वाले अधिकतर स्टेनलेस स्टील में निकेल होता ही नहीं है
चीन से आने वाले अधिकतर स्टेनलेस स्टील में निकेल होता ही नहीं है। इसलिए ऐसे स्टेनलेस स्टील से बने बर्तन फटते हैं। इस अवसर पर अलका पंडा ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो ने ईज आफ डूइंग बिजनेस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आईएसआई मार्क सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के लिए कई बहु प्रतीक्षित बदलाव किये हैं, जिनमें डोक्युमेंटेशन प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया गया है।
इससे अनिवार्य प्रमाणन के तहत उत्पादों को लाइसेंस दिए जाने की योजना को सरल बनाए जाने से लाइसेंस हासिल करने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिंदल स्टेनलेस (हिसार) लिमिटेड के वाइस-चेयरमैन, अभ्युदय जिंदल को बीआईएस प्रमाणन सौंपा।