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NMC: अब लाइव सर्जरी नहीं बनेगी मुनाफे का मंच, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने डॉक्टरों के लिए तय किए नियम
Mon, 28 Jul 2025 05:31 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 28 Jul 2025 05:31 AM IST
सार
एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा, लाइव सर्जरी का उद्देश्य सिर्फ शैक्षणिक होना चाहिए, न कि प्रचार या मुनाफे के लिए। नियमों के अनुसार, मरीजों से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा और यदि कोई जटिलता आती है तो उसका इलाज मुफ्त किया जाएगा।
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बड़ी कान्फ्रेंस में डॉक्टर अब मरीजों की लाइव सर्जरी नहीं दिखा पाएंगे। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए जारी आदेश में कहा है कि अब लाइव सर्जरी मुनाफे का मंच नहीं बनेंगी।
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एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा, लाइव सर्जरी का उद्देश्य सिर्फ शैक्षणिक होना चाहिए, न कि प्रचार या मुनाफे के लिए। नियमों के अनुसार, मरीजों से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा और यदि कोई जटिलता आती है तो उसका इलाज मुफ्त किया जाएगा। पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल करने की जिम्मेदारी भी ऑपरेटिंग सर्जन की ही होगी। दरअसल एनएमसी के यह दिशा-निर्देश सुप्रीम कोर्ट में राहिल चौधरी बनाम भारत सरकार केस के तहत सामने आए हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि मरीजों को बिना पर्याप्त जानकारी दिए लाइव सर्जरी में शामिल किया जा रहा है, जिससे कंपनियां अपने उत्पादों का प्रचार करती हैं। देश के कई निजी अस्पताल मरीजों को मॉडल बनाकर कॉन्फ्रेंसों में लाइव सर्जरी के जरिए उनका व्यावसायिक दोहन कर रहे हैं।
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डॉक्टरों के लिए तय किए नियम
- अब लाइव सर्जरी वही कर सकेगा, जिसके पास कम से कम 5 साल का विशेषज्ञता अनुभव हो।
- विदेशी डॉक्टरों को सर्जरी करने से पहले एनएमसी से विशेष अनुमति लेनी होगी।
- मरीज की सहमति आवश्यक होगी, जिसमें यह स्पष्ट बताया जाएगा कि यह प्रसारण केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है।
- सर्जरी के दौरान डॉक्टर को दर्शकों से कोई संवाद नहीं करना होगा। केवल एक मॉडरेटर कमेंटरी दे सकता है।
- मरीज की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी तरह का वित्तीय लालच नहीं दिया जाएगा।
यहां हो सकती है लाइव सर्जरी
- केवल एनएबीएच जैसी संस्थाओं से मान्यता प्राप्त अस्पताल और आपात सेवाएं मौजूद हों।
- यदि ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था मानकों पर खरा नहीं उतरती, तो लाइव प्रसारण की अनुमति नहीं।
- शिक्षा बनाम शो-ऑफ एनएमसी ने माना कि तकनीक के विस्तार के साथ लाइव सर्जरी से दूरदराज के शहरों तक सर्जिकल प्रशिक्षण पहुंचा है।